देशभर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चाएं कर रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी और फिटमेंट फैक्टर क्या निर्धारित किया जाएगा. हर दस वर्ष में केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा के लिए वेतन आयोग का गठन करती है. ऐसे में 8वें वेतन आयोग को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं.
2027 तक करना पड़ सकता है इंतजार
यदि कर्मचारी यह मान रहे हैं कि नई वेतन सिफारिशें जल्द लागू हो जाएंगी, तो उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. पिछले आयोगों के अनुभवों को देखें तो पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद सरकार की मंजूरी मिलने में वर्ष 2027 तक का समय लग सकता है.
7वें वेतन आयोग से क्या मिलता है संकेत
पिछले यानी 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में किया गया था. आयोग ने लगभग 21 महीनों तक अध्ययन और समीक्षा के बाद नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी. इसके बाद सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. इसी आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया भी लंबी हो सकती है और अंतिम निर्णय आने में समय लग सकता है.
8वें वेतन आयोग की समयसीमा क्या है
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था. आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. निर्धारित अवधि मई 2027 में पूरी होगी. हालांकि पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट जुलाई 2027 के आसपास सरकार को सौंपी जा सकती है.
फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई सैलरी
वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर होती है. यही वह आधार होता है जिसके जरिए कर्मचारियों के वर्तमान मूल वेतन को नए वेतनमान में बदला जाता है. सरल शब्दों में कहें तो वर्तमान बेसिक सैलरी को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करने पर नया मूल वेतन तय होता है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक वेतन 7 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार रुपये हो गया था.
इस बार कितनी बढ़ सकती है सैलरी
हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अनुमानों के अनुसार 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 3.83 के बीच रह सकता है. यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है.
11 करोड़ नहीं, 1.1 करोड़ से अधिक लोग होंगे प्रभावित
8वें वेतन आयोग का असर देश के लाखों नहीं बल्कि 1.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर पड़ेगा. इसमें केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी दोनों शामिल हैं. आयोग की सिफारिशें अगले दस वर्षों तक वेतन और पेंशन संरचना की दिशा तय करेंगी. भारत में पहला वेतन आयोग वर्ष 1946 में गठित किया गया था. तब से अब तक सात वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं. अब सभी की नजर 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों पर टिकी हुई है, जो आने वाले वर्षों में सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेंगी.









