Bjp Leader Resigns: भारतीय जनता पार्टी का चेहरा बदल देने वाले और युवाओं के बीच लोकप्रिय पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने भाजपा से अलग होने का फैसला कर लिया है। मंगलवार को दिल्ली में हुए एक हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम के बाद अन्नामलाई ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों का दावा है कि उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अब भाजपा के साथ अपना भविष्य नहीं देख रहे हैं। इस्तीफा देने से पहले अन्नामलाई ने नितिन नबीन और अमित शाह से मुलाकात की थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई ने सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और उन्हें अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा देने के तुरंत बाद अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बंद कमरे में हुई यह मुलाकात करीब 30 मिनट से भी अधिक समय तक चली।
मनाने की कोशिशें नाकाम
बताया जा रहा है कि अन्नामलाई को बीजेपी से इस्तीफा देने से पहले उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। चर्चा यह भी है कि अन्नामलाई की नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी उन्हें दिल्ली बुलाकर राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा पद सौंपने की तैयारी में थी, लेकिन अन्नामलाई अपने अड़े रहे और पार्टी से अलग होने की पुष्टि कर दी।
छोड़ी थी IPS की नौकरी
कर्नाटक कैडर के ईमानदार पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे के. अन्नामलाई ने साल 2020 में खाकी वर्दी को छोड़कर राजनीति की राह चुनी थी और भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने साल 2021 से 2024 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के रूप में राजनीति की। इस दौरान उन्होंने राज्य के कोने-कोने में यात्राएं निकालकर द्रविड़ राजनीति के गढ़ में भाजपा को मजबूत किया।
अब आगे क्या?
अब जब वे पूरी तरह भाजपा से मुक्त हो चुके हैं, तो पूरे देश की निगाहें चेन्नई पर टिकी हैं कि क्या वे अपनी नई राजनैतिक पार्टी का गठन करेंगे या फिर किसी अन्य क्षेत्रीय विकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे। अन्नामलाई की विदाई तमिलनाडु में पैर पसारने की कोशिश कर रही भाजपा के लिए एक राजनैतिक क्षति माना जा रहा है।









