भारत•

Property Law: क्या माता-पिता पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे या बेटी के नाम कर सकते हैं? जानिए कानून क्या कहता है

ड
डॉ आशा शर्मा

0 बार पढ़ा गया

Property Law: क्या माता-पिता पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे या बेटी के नाम कर सकते हैं? जानिए कानून क्या कहता है

परिवारों में संपत्ति के बंटवारे को लेकर अक्सर मतभेद देखने को मिलते हैं. कई बार यह सवाल उठता है कि क्या माता-पिता अपनी पूरी जायदाद केवल एक बेटे या बेटी के नाम कर सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो क्या बाकी बच्चों के पास कोई कानूनी अधिकार बचता है. इसका जवाब संपत्ति की प्रकृति पर निर्भर करता है. भारतीय कानून में स्व-अर्जित और पैतृक संपत्ति के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि संपत्ति किस श्रेणी में आती है.

स्व-अर्जित संपत्ति पर किसका होता है अधिकार

यदि किसी व्यक्ति ने अपनी मेहनत और कमाई से घर, जमीन, फ्लैट या अन्य संपत्ति खरीदी है, तो उसे स्व-अर्जित संपत्ति माना जाता है. ऐसी संपत्ति पर मालिक का पूरा अधिकार होता है. वह चाहे तो अपने जीवनकाल में रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड के जरिए या वसीयत बनाकर पूरी संपत्ति किसी एक बेटे या बेटी के नाम कर सकता है. इस स्थिति में अन्य बच्चों का उस संपत्ति पर स्वतः कानूनी दावा नहीं बनता.

पैतृक संपत्ति के नियम अलग हैं

दादा, परदादा या पूर्वजों से चली आ रही संपत्ति को पैतृक संपत्ति कहा जाता है. इस तरह की संपत्ति पर परिवार के सभी कानूनी उत्तराधिकारियों का जन्म से अधिकार माना जाता है. ऐसे में माता-पिता अकेले अपने निर्णय से पूरी पैतृक संपत्ति किसी एक बच्चे के नाम नहीं कर सकते. यदि ऐसा किया जाता है और नियमों का पालन नहीं होता, तो अन्य वारिस अदालत में जाकर अपना कानूनी हिस्सा मांग सकते हैं.

बेटियों को भी मिलता है बराबर का अधिकार

हिंदू उत्तराधिकार कानून में संशोधन के बाद बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार प्राप्त हैं. चाहे बेटी शादीशुदा हो या अविवाहित, उसका संपत्ति पर अधिकार बना रहता है. इसलिए पैतृक संपत्ति के बंटवारे में बेटियों के हिस्से को नजरअंदाज करना कानून के खिलाफ माना जाता है.

किन परिस्थितियों में वसीयत या गिफ्ट डीड को चुनौती दी जा सकती है

हालांकि स्व-अर्जित संपत्ति के मामले में मालिक का फैसला सामान्य रूप से अंतिम माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में वसीयत या गिफ्ट डीड को अदालत में चुनौती दी जा सकती है. यदि यह साबित हो जाए कि दस्तावेज दबाव, धोखाधड़ी या जालसाजी के जरिए तैयार कराया गया था, या फिर दस्तावेज बनाते समय संपत्ति मालिक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, तो कोर्ट मामले की जांच कर सकता है.

विवाद से बचने के लिए क्या करें

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में पारिवारिक विवादों से बचने के लिए माता-पिता को समय रहते स्पष्ट वसीयत या रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड तैयार कर लेनी चाहिए. इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच पारदर्शिता बनाए रखना भी जरूरी है. सही कानूनी प्रक्रिया अपनाने से संपत्ति से जुड़े विवाद कम होते हैं और कोर्ट-कचहरी के लंबे मामलों से भी बचाव संभव हो सकता है.

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और पढ़ें

सिंगोली जैन मंदिर चोरी का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चोरी का माल बरामद
मध्यप्रदेश

सिंगोली जैन मंदिर चोरी का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; चोरी का माल बरामद

दीपावली 2026: सीएम मोहन यादव ने MP की जनता को दिया संदेश, बोले- संघर्ष आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है
मध्यप्रदेश

दीपावली 2026: सीएम मोहन यादव ने MP की जनता को दिया संदेश, बोले- संघर्ष आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है

PM Modi Diwali Greetings | देश के वीर जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे पीएम , Social Media पर किया पोस्ट
नेशनल न्यूज़

PM Modi Diwali Greetings | देश के वीर जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे पीएम , Social Media पर किया पोस्ट

सदियों पुरानी पाड़ा परंपरा में झलकती आदिवासी संस्कृति और पूर्वजों की विरासत
मध्यप्रदेश

सदियों पुरानी पाड़ा परंपरा में झलकती आदिवासी संस्कृति और पूर्वजों की विरासत

CM मोहन यादव ने कहा, 2 साल में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में बनेगा नंबर वन, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज दी मंगलकामनाएं
मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने कहा, 2 साल में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में बनेगा नंबर वन, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज दी मंगलकामनाएं

दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को 5 दिन का विराम... 11 नवंबर से फिर शुरू होगा दूसरा चरण
मध्यप्रदेश

दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को 5 दिन का विराम... 11 नवंबर से फिर शुरू होगा दूसरा चरण

PMAY | पीएम आवास योजना से करोड़ों परिवारों को पक्की छत मिली, जनधन योजना से करोड़ों लोग..: PM Modi
सरकारी योजनाएं

PMAY | पीएम आवास योजना से करोड़ों परिवारों को पक्की छत मिली, जनधन योजना से करोड़ों लोग..: PM Modi

कभी नारियल बेचकर चलाते थे गुजारा, अब धनतेरस पर खरीदी AC कार... छतरपुर के अजय पार बाबा की सोशल मीडिया पर चर्चा
मध्यप्रदेश

कभी नारियल बेचकर चलाते थे गुजारा, अब धनतेरस पर खरीदी AC कार... छतरपुर के अजय पार बाबा की सोशल मीडिया पर चर्चा

अयोध्या की सरयू तर्ज पर विकसित होगा मां नर्मदा का तट, अगले दो-तीन महीनों में होगा भूमिपूजन: मंत्री राकेश सिंह
मध्यप्रदेश

अयोध्या की सरयू तर्ज पर विकसित होगा मां नर्मदा का तट, अगले दो-तीन महीनों में होगा भूमिपूजन: मंत्री राकेश सिंह