देशभर में पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है. इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनका समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं है. राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा और उन पर चुनिंदा मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने जिन छात्रों से मुलाकात की, वे 20 तारीख को दिल्ली में आयोजित संसद मार्च में शामिल हुए थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य छात्रों की आलोचना करना नहीं, बल्कि राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देना है. उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके प्रति सम्मान होना चाहिए.
फायरिंग के आरोपों को भाजपा ने बताया गलत
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि संसद मार्च के दौरान फायरिंग होने की जो बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने दोहराया कि उस दिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी और भाजपा पहले भी इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है. उनके अनुसार संवेदनशील मुद्दों पर बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है.
झारखंड के छात्रों का भी उठाया मुद्दा
संबित पात्रा ने राहुल गांधी से झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की ओर भी ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि वहां के छात्र भी अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व उनकी चिंता करता हुआ दिखाई नहीं देता. पात्रा का आरोप था कि राहुल गांधी केवल चुनिंदा मुद्दों पर सक्रिय होते हैं और राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया देते हैं.
राहुल गांधी ने छात्रों का किया समर्थन
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात के बाद कहा था कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए उन्हें किसी से माफी मांगने की आवश्यकता नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था, संविधान और देश के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें डराने की कोशिश हुई, लाठीचार्ज किया गया और लगातार मानसिक दबाव बनाया गया. उनका कहना था कि छात्रों का दावा है कि उन्होंने किसी प्रकार की हिंसा नहीं की, फिर भी उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया.
मुद्दे पर तेज हुई राजनीतिक बहस
छात्रों के आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे पर अब राजनीतिक दल खुलकर आमने-सामने आ गए हैं. कांग्रेस इसे छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक आवाज से जोड़ रही है, जबकि भाजपा विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है.









