केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और पुलिस को नए-नए सुराग मिल रहे हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा रिकवर करने के बाद पता चला है कि आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी आपस में साइन लैंग्वेज, कोड वर्ड और खास संकेतों के जरिए बातचीत करते थे. पुलिस का मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि किसी तरह की निगरानी या जांच के दौरान उनकी बातचीत आसानी से समझ में न आए.
अदालत ने बढ़ी पुलिस हिरासत की मांग ठुकराई
फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस ने दोनों की तीन दिन और कस्टडी मांगी थी ताकि आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सके. जांच अधिकारियों का कहना था कि कोड भाषा में हुई बातचीत का मतलब समझना और हत्या की कथित साजिश से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है. हालांकि अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की.
दूसरे मोबाइल और कपड़ों की भी हुई जांच
जांच अधिकारी मनोज पवार ने बताया कि उस स्थान का पंचनामा किया गया जहां सिया पर केतन का पासपोर्ट फाड़ने का संदेह है. इस दौरान उसके कुछ कपड़े भी जब्त किए गए. पुलिस को सिया के दूसरे मोबाइल फोन से भी ऐसी बातचीत मिली है जिसमें कोड भाषा का इस्तेमाल होने की बात कही जा रही है. इसके अलावा पुलिस ने गवाहों के सामने आरोपियों की पहचान परेड कराने की भी मांग की.
नार्को टेस्ट पर अदालत का फैसला
सुनवाई के दौरान नार्को टेस्ट का मुद्दा भी उठा. अदालत ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी का नार्को टेस्ट उसकी सहमति के बिना नहीं कराया जा सकता. चूंकि सिया और चेतन ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी, इसलिए कोर्ट ने पुलिस की मांग खारिज कर दी. वहीं अभियोजन पक्ष ने भी कहा कि फिलहाल इस जांच के लिए नार्को टेस्ट जरूरी नहीं है.
स्नैपचैट चैट से बढ़ा शक
जांच के दौरान सिया और उसके एक दोस्त के बीच हुई कथित स्नैपचैट चैट भी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, इस चैट में सिया ने अपने दोस्त से आधार कार्ड की कॉपी भेजने को कहा था ताकि वह शादी के लिए फ्लाइट टिकट बुक कर सके. साथ ही उसने कथित तौर पर यह भी लिखा कि यह उस शादी के लिए टिकट है जो कभी होने वाली ही नहीं है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह पूरी योजना हत्या के बाद शक से बचने और शादी की तैयारियों का दिखावा करने का हिस्सा तो नहीं थी.
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR में आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को चट्टान से नीचे धक्का दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. शिकायत के अनुसार, 18 जून की सुबह केतन घर से निकला, रास्ते में सिया को साथ लेकर लोहागढ़ किले की ओर गया. बाद में सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि वह खाई में गिर गया है. स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार का कहना है कि 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण करने पर उन्हें लगा कि वहां से किसी का गलती से फिसलकर गिरना आसान नहीं था. इसी दौरान परिवार को सिया और चेतन के रिश्ते पर भी शक हुआ. उनका आरोप है कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह कई बार चेतन का जिक्र करती थी. फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है.









