MP Politics: मध्यप्रदेश के राजनैतिक गलियारों में एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया है, जिसने प्रदेश की राजनीति से लेकर दिल्ली तक की सियासी धड़कनें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार को लेकर दिए गए बयान के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ा रुख अपना लिया है। इंदौर में भाजपा की फायरब्रांड विधायक मालिनी गौड़ और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जीतू पटवारी को आड़े हाथों लेते हुए पलटवार किया तो ठीक है, लेकिन एक दावा ऐसा ठोका की प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में भूचाल लाकर खड़ा कर दिया।
जीतू पटवारी का तंज
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान के बाद हुई। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार से जनता ही नहीं, बल्कि खुद भाजपा के विधायक भी अंदरूनी तौर पर बेहद खफा हैं। पटवारी ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, अगर आज पूरी ईमानदारी के साथ भारतीय जनता पार्टी के विधायकों से गुप्त सलाह ली जाए, तो सदन में बहुमत से भी ज्यादा संख्या में बीजेपी के विधायक मुख्यमंत्री को उनके पद से हटाने के लिए बेचैन बैठे हैं।
बीजेपी के संपर्क में कई कांग्रेस विधायक!
जीतू पटवारी के इस बयान पर इंदौर की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 से भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के अंदरूनी संकट को उजागर कर दिया है। मालिनी गौड़ ने मीडिया के सामने दावा किया कि कांग्रेस के कई मौजूदा विधायक और बड़े नेता खुद अपने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की तानाशाही से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके कांग्रेस के कई माननीय इस समय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से लगातार संपर्क साध रहे हैं और कभी भी पाला बदल सकते हैं।
क्या बोले अध्यक्ष खंडेलवाल?
इस पूरे वाकयुद्ध के बीच इंदौर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भी जीतू पटवारी पर सवाल खड़े कर दिए। हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जीतू पटवारी किसी भी राजनैतिक विषय पर उतनी गंभीरता और सूझबूझ से बात नहीं करते हैं, जितनी एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को करनी चाहिए। इसलिए उनकी हर बात पर प्रतिक्रिया देना हम जरूरी नहीं समझते।









