मध्यप्रदेश की सियासत से गुना जिले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. भाजपा जिला संगठन ने नई जिला कार्यसमिति की घोषणा कर दी है. जारी सूची में 70 जिला कार्यसमिति सदस्य और 15 विशेष आमंत्रित सदस्यों को शामिल किया गया है. सूची सामने आने के बाद जिले की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है.
नई कार्यसमिति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से जुड़े दो दर्जन से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जगह मिलने की चर्चा है. इसके अलावा एक ही परिवार के दो सदस्यों को शामिल किया जाना भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. खास बात यह है कि पार्टी से निष्कासित किए जा चुके एक नेता को भी कार्यसमिति में स्थान दिया गया है.
कई बड़े नामों को मिली जिम्मेदारी
नई सूची में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, पूर्व विधायक गोपीलाल जाटव, राजेंद्र सिंह सलूजा और पूर्व जिलाध्यक्ष हरिसिंह यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है.
इसके साथ ही वरिष्ठ नेता राधेश्याम पारीक, गजेंद्र सिकरवार, हीरेंद्र सिंह बंटी बना, मनोज चुबे, आलोक विजयवर्गीय, दिनेश शिवहरे, अमित सोगानी, कल सिंह पटेलिया, अशोक शर्मा, वंदना माडेर, सुनील मालवीय, ओमप्रकाश नरवरिया, मातादीन धनवरिया, निक्की सोहेल, गिरधारीलाल सेन, अनिल जैन कैंची, तरुण सूद, अनिल भार्गव और कीर्ति सरवैया सहित अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है.
एक परिवार के दो सदस्यों की एंट्री चर्चा में
कार्यसमिति की सूची में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सारिका लुबा और उनके चाचा ससुर योगेंद्र लुबा को जगह मिली है. एक ही परिवार के दो लोगों को संगठन में शामिल किए जाने की बात अब चर्चा का केंद्र बन गई है.
वहीं, गुना नगर पालिका के उपाध्यक्ष और पार्टी से निष्कासित नेता धरम सोनी को भी कार्यसमिति में शामिल किया गया है. इस फैसले ने भी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.
चार निकायों में गुना को मिला पूरा प्रतिनिधित्व
जिले के चार निकायों की बात करें तो नई कार्यसमिति में केवल गुना नगर पालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, दोनों को प्रतिनिधित्व मिला है. वहीं कुंभराज, चांचौड़ा और मधुसूदनगढ़ नगर निकायों के भाजपा उपाध्यक्षों को सूची में जगह नहीं मिली. इसी वजह से जिले के राजनीतिक गलियारों में नई कार्यसमिति को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और स्थानीय सियासत गरमा गई है.









