छिदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ जिले के बिछुआ क्षेत्र में पांच माह की बच्ची की मौत के मामले में मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है, और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कफ सिरप और आयुर्वेदिक दवा के सैंपल को जांच के लिए पहुंचाया गया है, कि आखिर बच्ची की मौत की वजह पता चल सके। परिजनों ने इस मामले में कहा था कि कफ सिरप और आयुर्वेदिक दवा पीने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ी और परिजनों ने अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां बच्ची की मौत हो गई। प्रशासन ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराया था।
कलेक्टर ने दी जानकारी
छिदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कफ सिरप और आयुर्वेदिक पुड़िया जो दी गई थी, जिसकी जांच कराई जा रही है और सैंपल के लिए पहुंचाया गया है। बच्ची का पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसमें सामने आया है कि विषाक्त के कारण बच्ची की मौत हुई है, कफ सिरप और आयुर्वेदिक दवा के सैंपल को जांच के लिए पहुंचाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि किस चीज की विषाक्त से बच्ची की मौत हुई है। वहीं मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील किया है, और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही हैं। साथ ही पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बिछुआ वार्ड नंबर 2 में रहने वाले संदीप मिनोटे की पांच माह की बच्ची ने गुरुवार को दम तोड़ दिया था, इस मामले में परिजनों का आरोप था कि बच्ची को सर्दी जुकाम की शिकायत होने पर मेडिकल स्टोर से कफ सिरप और आयुर्वेदिक पुड़िया लेकर आए थे, और देने के बाद हालत धीरे-धीरे खराब होने लगी। इसके बाद बच्ची को परिजन पास के ही सरकारी अस्पताल लेकर गए जहां उपचार नहीं मिला, कुछ देर अस्पताल में ही भटकना पड़ा। इसके बाद चिकित्सकों ने बच्चों की हालत बिगड़ता देख दवाईयां दी, लेकिन कुछ देर के बाद ही बच्ची की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है, जहां जांच के बाद मेडिकल दुकान को सील करने के साथ लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
कलेक्टर ने की अपील
कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने जिले वासियों से अपील की है कि बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से कोई भी दवाई या फिर सिरप ना ले, क्योंकि डॉक्टर को ही पता होता है कि कितने साल का बच्चे को कौन सी दवाई देनी चाहिए, उन्होंने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर की टीम जिले में जांच कर रही है, अगर मेडिकल स्टोर में लाइसेंस किसी और का है, और कोई चला रहा है तो दुकान लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।









