मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में भाग लेकर जिले को कई बड़ी सौगातें दीं. इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को सिंगल क्लिक के जरिए 300 करोड़ रुपये का ऋण जारी किया. साथ ही झाबुआ जिले में 174.64 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं का लोकार्पण किया.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश तेज गति से विकास कर रहा है. उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आज कई बहनें हर महीने 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं. प्रदेश में महिलाएं कैफे संचालन, कृषि, पशुपालन, बैंकिंग सेवाओं और कई गैर-कृषि गतिविधियों में सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभा रही हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में 196 आजीविका कैफे और 85 आजीविका पुस्तकालय महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. झाबुआ जिले में भी चार कैफे महिलाओं के जरिए सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं.
प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक और जैविक खेती को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि झाबुआ का क्षेत्र इस तरह की खेती के लिए बेहद अनुकूल है. उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब ट्रैक्टर और ड्रोन तक संचालित कर रही हैं. ड्रोन दीदियां खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर कृषि क्षेत्र में नई मिसाल पेश कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश ने रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है, जिसमें महिला स्व-सहायता समूहों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही. महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर अपनी क्षमता साबित की है.
रोजगार और विकास की नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ, धार और अलीराजपुर क्षेत्र में उद्योगों और एमएसएमई के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने बताया कि पीएम मित्र पार्क जैसी परियोजनाओं से कपास उत्पादन से लेकर गारमेंट निर्माण तक रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे. इससे लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा.
झाबुआ को मिली नई सौगातें
मुख्यमंत्री ने झाबुआ में लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन किया. इसके अलावा सांदीपनि विद्यालय, थांदला में रेल सुविधा, पक्का हेलीपैड, खेल स्टेडियम और पद्मावती नदी पर घाट निर्माण जैसी कई घोषणाएं भी कीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक जिले में महिला थाना और महिला सुरक्षा डेस्क को मजबूत किया जाएगा. साथ ही अगले वर्ष से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सिली हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना भी लागू की जाएगी.









