कांग्रेस पार्टी के भीतर इन दिनों ज़बरदस्त कलह और गुटबाज़ी मची हुई है, जो अब किसी से छुपी नहीं है। पंजाब में तो हालात इतने बिगड़ गए थे कि आनन-फानन में प्रदेश अध्यक्ष तक बदलना पड़ गया था। देश के कई अन्य राज्यों में भी पार्टी की कमान संभालने को लेकर नेताओं के बीच आपसी खींचतान और रस्साकशी लगातार जारी है।
मिसाल के तौर पर, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद या नेतृत्व की चाहत को लेकर सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच अक्सर टकराव की खबरें सामने आती रहती हैं। कुछ ऐसा ही हाल तेलंगाना का भी है, जहां पार्टी संगठन के भीतर भारी अव्यवस्था और धड़ेबाज़ी ने हालात को और पेचीदा बना दिया है।
इस पूरे राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ''कांग्रेस की हार की वजह निर्वाचन आयोग नहीं है। उनका कहना है कि ये दल अब सीधे तौर पर विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं। चौहान ने तंज़ कसते हुए कहा कि सिर्फ और सिर्फ सत्ता हासिल करने की भूख में कांग्रेस इस हद तक गिर चुकी है कि उसे देश-विरोधी ताकतों का साथ लेने में भी कोई झिझक नहीं होती। फिर चाहे इसके लिए उन्हें वामपंथियों का सहारा लेना पड़े, किसी भी संगठन से हाथ मिलाना पड़े या फिर जॉर्ज सोरोस जैसी ताकतों की मदद क्यों न लेनी पड़े। उनके मुताबिक, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आगे देशहित को ताक पर रखने से भी नहीं चूक रही है।









