भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया उपचुनाव में मिली हार ने मध्यप्रदेश भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 मतों से जीत दर्ज की। सोमवार को हुई मतगणना में उन्हें 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। खास बात यह रही कि भाजपा अपने वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और दतिया से तीन बार विधायक रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी पीछे रह गई। पार्टी के भीतर अब यह चर्चा तेज है कि इस हार में अंदरूनी असंतोष और कथित भितरघात की बड़ी भूमिका रही।
भितरघातियों के डिजिटल प्रमाण जुटाए
सूत्रों के अनुसार, उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में काम करने वाले कुछ भाजपा नेताओं की गतिविधियों के वीडियो और अन्य डिजिटल प्रमाण स्थानीय स्तर पर जुटाए गए हैं। यह सामग्री पार्टी नेतृत्व को भेज दी गई है और बताया जा रहा है कि इसे दिल्ली तक पहुंचा दिया गया है। पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के आरोपों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है और जल्द ही किसी नेता पर संगठनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल
जीत के बाद कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विशेष उत्सव मनाया। कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एक-दूसरे को “मेलोडी” चॉकलेट खिलाकर खुशी साझा की। इस मौके पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर दतिया की जीत को सिर्फ एक उपचुनाव की सफलता नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव के संकेत के रूप में पेश किया।
कांग्रेस और सपा ने दिखाई एकजुटता
प्रेस वार्ता में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि दतिया का जनादेश 2028 के विधानसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन की संभावनाओं को मजबूत करने वाला है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि किसान महंगी खाद, बीज और बढ़ती लागत से परेशान हैं, युवा बेरोजगारी से त्रस्त हैं और जनता भाजपा सरकार से निराश हो चुकी है।
बीजेपी में समीक्षा का दौर जारी
भाजपा ने दतिया उपचुनाव में हार के कारणों की समीक्षा शुरू कर दी है। पार्टी के भीतर सबसे अधिक चर्चा कथित भितरघात को लेकर हो रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा में जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला, उन्होंने कांग्रेस की जीत में मदद की। विजयी कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भी दावा किया कि भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया और चुनाव में सहयोग किया।
संघ भी दतिया का हार से नाराज
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी परिणाम आने के बाद संकेतों में अंदरूनी नुकसान की बात कही थी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया है कि संगठन का अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान किस नेता ने क्या भूमिका निभाई, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और सभी डिजिटल साक्ष्य केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिए गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा संगठन दतिया प्रकरण में आगे क्या कदम उठाता है। जानकार बता रहे हैं कि प्रदेश में बड़ा एक्शन लेते हुए विकेट गिराने की पूरी कर ली गई है, क्योंकि इस हार से पार्टी की बड़ी किरकिरी हुई है, और संघ में काफी नाराज है।
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