भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी है। यह कार्रवाई कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की शिकायत के बाद की गई है। घनश्याम सिंह ने चुनाव के दौरान भितरघात का आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की थी।
घनश्याम सिंह ने हाईकमान से की थी शिकायत
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया और भाजपा के पक्ष में काम किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि राजेंद्र भारती के करीबियों के जरिए शहर में पैसे बांटे गए और इससे कांग्रेस उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

भ्रष्टाचार के आरोपों का भी किया जिक्र
घनश्याम सिंह ने कहा था कि राजेंद्र भारती भूमि विकास बैंक से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें तीन साल की सजा भी हुई थी। इसी कारण वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार की राजनीति नहीं, बल्कि जनता की सेवा की राजनीति करना चाहते हैं।
राजेंद्र भारती ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
घनश्याम सिंह के आरोपों पर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि 2013, 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों में घनश्याम सिंह ने ही कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया और भाजपा को फायदा पहुंचाया।
राजेंद्र भारती ने यह भी आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह को चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का समर्थन मिला था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में आर्थिक और राजनीतिक मदद भी उन्हें मिली। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया गया है।
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