डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी, लंबे समय से अपनी लंबित मांगों के समाधान का इंतजार कर रहे जिले के पटवारियों ने आखिरकार सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जिले के सभी पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन उन्होंने अपने बस्ते कलेक्टर कार्यालय में जमा कर प्रशासन और शासन को साफ संदेश दिया कि अब केवल आश्वासनों से बात नहीं बनेगी।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर चल रहे इस आंदोलन में डिंडौरी जिले के पटवारी भी पूरी मजबूती के साथ शामिल हैं। संघ का कहना है कि कैडर रिव्यू सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर कई चरणों में आंदोलन किए गए। ज्ञापन दिए गए, सामूहिक अवकाश लिया गया, काली पट्टी बांधकर काम किया गया और ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
इसी के विरोध में अब पटवारियों ने कलम रोक दी है। इसके चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े कार्य और किसानों के कई जरूरी राजस्व संबंधी काम प्रभावित होने की संभावना है। आम नागरिकों को भी राजस्व कार्यालयों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पटवारी संघ का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों के समाधान के लिए है। यदि शासन जल्द सकारात्मक पहल करता है तो आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
जिले में शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व व्यवस्था पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।









