खबर डिजिटल संवाददाता कटनी शहर के स्कूलों और अस्पतालों में वर्षों से फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी आखिरकार अब भारी पड़ने लगी है। नगर निगम ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले 15 बड़े संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 9.97 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। इनमें नामी निजी स्कूलों से लेकर शासकीय कॉलेज और एक अस्पताल तक शामिल हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इन संस्थानों में रोजाना हजारों छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और मरीज मौजूद रहते हैं, तब बिना फायर सेफ्टी इंतजामों के इन्हें संचालन की अनुमति आखिर कैसे मिलती रही? निगम प्रशासन की कार्रवाई ने शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की लापरवाही को उजागर कर दिया है।नगर निगम के अनुसार नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के तहत आने वाले भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण और प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं, लेकिन संबंधित संस्थानों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों को गंभीरता से नहीं लिया। अब निगम ने प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से जुर्माना अधिरोपित कर सात दिन के भीतर फायर प्लान अप्रूवल के लिए आवेदन करने का अल्टीमेटम दिया है।यदि निर्धारित समय में नियमों का पालन नहीं किया गया तो भवन बंद करने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निगम का कहना है कि किसी भी संभावित हादसे की स्थिति में जनहानि की जिम्मेदारी संस्था संचालकों की होगी।कार्रवाई की जद में आए संस्थानों में विष्णु वेद सरस्वती स्कूल, किड्स केयर स्कूल, अनामिका एकेडमी, डायमंड इंग्लिश मीडियम स्कूल, लाइम सिटी इंटरनेशनल स्कूल, नालंदा पब्लिक स्कूल, कटनी डिग्री कॉलेज, सीक्रेट हार्ट स्कूल सहित कई शासकीय महाविद्यालय और बाबा माधव शाह चिकित्सालय शामिल हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम को केवल नोटिस और जुर्माने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के सभी बड़े संस्थानों की नियमित फायर ऑडिट जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।अब देखने वाली बात यह होगी कि जुर्माने के बाद संस्थान सच में सुरक्षा व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह कार्रवाई भी कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097









