खबर डिजिटल संवाददाता कटनी-- नगर पालिक निगम कटनी द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए निशुल्क जन सुविधा केंद्र और सुलभ कॉम्प्लेक्स अब अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ते नजर आ रहे हैं। जिन केंद्रों का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना था, वहां आज कर्मचारी ही नदारद हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश जन सुविधा केंद्रों में कर्मचारी कभी दिखाई नहीं देते। हालत यह है कि कई केंद्रों की जिम्मेदारी कथित तौर पर केवल एक कर्मचारी के भरोसे छोड़ दी गई है, जो लगभग 10 जन सुविधा केंद्रों की देखरेख कर रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जनता को सुविधा कौन देगा और व्यवस्थाओं की निगरानी कौन करेगा?सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक निशुल्क सुलभ कॉम्प्लेक्स की देखरेख के लिए ठेकेदार को लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। इसके बावजूद यदि केंद्रों में कर्मचारी मौजूद नहीं हैं तो यह भुगतान किस काम का हो रहा है? क्या सिर्फ कागजों में कर्मचारी तैनात हैं और जमीनी हकीकत कुछ और है?जनता का आरोप है कि कई बार लोगों को जन सुविधा केंद्रों में ताला लटका मिला, तो कहीं सफाई और रखरखाव की स्थिति बेहद खराब पाई गई। ऐसे में निगम प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनता की सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो फिर इन केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग क्यों नहीं हो रही? क्या निगम प्रशासन को इस अव्यवस्था की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर मामले में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या फिर जनता की सुविधा के नाम पर सरकारी धन की यह कहानी यूं ही चलती रहेगी।
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कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट mo. 9131308097









