खबर डिजिटल संवाददाता कटनी-जिले के राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए ग्राम पंचायत हिरवारा में शासकीय स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि नोटिस जारी होने और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कब्जाधारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम शासकीय भूमि पर निर्माण और कब्जे की कार्रवाई जारी रखे हुए हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है की ग्राम पंचायत हिरवारा स्थित शासकीय स्कूल के बाजू में मौजूद वह भूमि, जो बच्चों के खेलकूद और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी, उस पर रहवासी रसूखदार एवं अन्य लोगों द्वारा लगातार अवैध कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां यह अवैध कब्जा हो रहा है, वहां से राजस्व अमले के अधिकारी और कर्मचारी महज कुछ दूरी पर मौजूद हैं। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच का निवास भी लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद यदि शासकीय भूमि पर कब्जा जारी है तो आखिर जिम्मेदार कौन है?ग्रामीणों का कहना है कि यदि नोटिस और जुर्माना भी भूमाफियाओं को नहीं रोक पा रहे हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता का बड़ा उदाहरण है। लोगों का आरोप है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता या मिलीभगत के कारण ही कब्जाधारी बेखौफ होकर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं।अब सवाल यह उठता है कि क्या बच्चों के भविष्य और उनके खेल मैदान को बचाने के लिए जिला प्रशासन कोई सख्त कदम उठाएगा? क्या राजस्व विभाग अवैध कब्जाधारियों पर बुलडोजर चलाएगा या फिर सरकारी जमीन पर कब्जे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन, तहसीलदार और राजस्व विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि प्रशासन सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा पाता है या फिर भूमाफियाओं के आगे सरकारी तंत्र एक बार फिर बेबस नजर आता है।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट mo. 9131308097
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