झाबुआ /सुनील डाबी /खबर डिजिटल/ जिले के मेघनगर वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 75 के राखड़िया जंगल में सामने आया बड़े पैमाने पर गौ-हत्या का मामला पूरे क्षेत्र में गुस्सा और शोक का कारण बन गया है।स्थानीय समुदाय में यह भावना और भी गहरी है कि “गौ हमारी माता है”, और इसी वजह से यह घटना लोगों की आस्था व संवेदनाओं पर सीधा प्रहार मानी जा रही है। इसी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, वन विभाग और पुलिस लगातार तीसरे दिन भी मौके पर सक्रिय हैं।
घटना का खुलासा: मवेशियों के अवशेष, मांस और हथियार बरामद
शनिवार को पुलिस की छापेमारी में जंगल से दो मृत गाय,गो-मांस,कई जीवित गौ-वंश,तथा हत्या में प्रयुक्त हथियार
बरामद किए गए।जंगल में बिखरे अंग-अवशेष देखकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मामला झाबुआ से आगे बढ़कर भोपाल, गुजरात और राजस्थान तक चर्चा में है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई: अवैध कब्जे ढहे, सीमांकन और पौधारोपण
सोमवार को रेंजर टी.आर. हटिला के नेतृत्व में वन विभाग ने वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया। कब्जा धारक दुलेसिंह पिता भाना के दो टप्पर हटाए गए।
जेसीबी से अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर वन सीमा का पुनः चिन्हांकन किया गया।कब्जा मुक्त भूमि पर तुरंत पौधारोपण कर क्षेत्र को पुनः सुरक्षित किया गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए बीट गार्ड सुरेश गुडिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
रेंजर हटिला ने कहा कि यदि लंबे समय से ऐसी अवैध गतिविधि चल रही थी, तो कोटवार, पटवारी, सचिव, सरपंच या ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना विभाग को क्यों नहीं दी गई।
उन्होंने विभाग पर लगाए गए आरोपों को निराधार करार दिया।
जांच में तेजी: छह नए आरोपियों के नाम जुड़े, सर्च ऑपरेशन तेज
थाना प्रभारी के.एल. वरकड़े के अनुसार—प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद 6 नए आरोपियों को नामजद किया गया है।मौके से जप्त दुपहिया वाहनों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। विशेष पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।अब तक एक बाल अपचारी सहित कुल तीन गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
वन भूमि पर अवैध खेती: मामला टास्क फोर्स को भेजा जाएगा
डिप्टी रेंजर राजेंद्र अमलियार ने बताया कि वन भूमि पर ग्रामीणों द्वारा की गई कपास की खेती का मामला जिला टास्क फोर्स के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
“गौ हमारी माता है”- दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई अनिवार्य
गौ-हत्या जैसे जघन्य कृत्य ने न केवल कानून का उल्लंघन किया है बल्कि स्थानीय समुदाय की आस्था को भी गहरी चोट पहुँचाई है। प्रशासन की तेज कार्रवाई—कब्जा हटाने, पौधारोपण, कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और तेज पुलिस जांच—यह स्पष्ट संदेश देती है कि इस अपराध में किसी भी आरोपी को राहत नहीं मिलेगी, और कठोरतम कानूनी कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
हिन्दू संगठन ने किया कड़ा विरोध
गोहत्या मामले को लेकर हिन्दू संगठनों में जमकर आक्रोश है संगठनों का साफ तौर पर कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी है उन्हें बक्शा नही जावे आखिर प्रशासन की नाक के नीचे इतने समय से गोहत्या का यह खेल चल रहा था पुलिस व प्रशासन के खुफिया तंत्र क्या कर रहा था इस मामले को प्रदेश मुखिया डॉक्टर मोहन यादव को सज्ञान में लेकर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच के आदेश जारी करना चाहिए ताकि इस तरह गोमाता की हत्या करने की हिम्मत कोई दूसरा न कर सके और दोषियो पर कठोर कार्यवाही होना चाहिए









