खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी (15 अगस्त)-- स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर जहां जिले की अधिकांश शासकीय इमारतें रंग-रोगन और साज-सज्जा से चमकती नजर आईं, वहीं जिला जनसम्पर्क कार्यालय की बदहाली सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती दिखाई दी।
प्रशासन और मीडिया के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाने वाला जिला जनसम्पर्क कार्यालय 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी उपेक्षित नजर आया।
जिला जनसम्पर्क कार्यालय में जिला जनसम्पर्क अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान संचार सहायक आकाश गुप्ता, सहायक ग्रेड-3 महताब हुसैन, लालजी शर्मा, अमित नाहर, मथुरा नामदेव एवं योगेश दुबे सहित कार्यालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
लेकिन सवाल यह है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी जिले में शासन-प्रशासन की योजनाओं, उपलब्धियों और जनहितकारी सूचनाओं को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने की है, उसी विभाग का कार्यालय राष्ट्रीय पर्व पर व्यवस्थाओं की प्राथमिकता में पीछे क्यों रह गया?
जिला जनसम्पर्क विभाग सीधे जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है।
जिले के समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और मीडिया कर्मियों से संबंधित सूचनाएं एवं रिकॉर्ड इसी विभाग के माध्यम से संचालित होते हैं।
प्रशासन की योजनाओं और फैसलों की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने तथा मीडिया के माध्यम से उसे आम जनता तक पहुंचाने में जनसम्पर्क विभाग की अहम भूमिका होती है।
ऐसे में स्वतंत्रता दिवस से पहले जहां अन्य शासकीय भवनों की रंगाई-पुताई और साज-सज्जा पर ध्यान दिया गया, वहीं जनसम्पर्क कार्यालय का बदहाल स्वरूप व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
जिस विभाग के माध्यम से शासन की छवि और योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचती है, उसी कार्यालय की हालत राष्ट्रीय पर्व पर उपेक्षा की तस्वीर क्यों पेश कर रही थी?
तिरंगा पूरे सम्मान और गरिमा के साथ फहराया गया, लेकिन उसके आसपास का बदहाल सरकारी परिसर यह सवाल जरूर छोड़ गया कि राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में जिला जनसम्पर्क कार्यालय को आखिर नजरअंदाज क्यों किया गया?
यह महज एक सरकारी भवन की बदहाली का मामला नहीं,
बल्कि उस विभाग के प्रति प्रशासनिक प्राथमिकता का भी सवाल है,
जो शासन और जनता के बीच सूचना का महत्वपूर्ण सेतु बना हुआ है।









