खबर digital News संवाददाता कटनी-- शहर में वर्षों से नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे बारात घरों पर आखिरकार नगर निगम का डंडा चल गया। निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे बारात घरों को सील कर दिया जो बिना वैध पंजीयन और अनुज्ञप्ति के खुलेआम संचालित किए जा रहे थे। सवाल यह है कि आखिर इतने समय से ये बारात घर किसकी शह पर चल रहे थे और नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा था?नगर निगम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सिंधु सदन, सिंधु भवन और बाबा नारायण शाह मैरिज गार्डन पर तालाबंदी कर दी। जांच में सामने आया कि संचालकों ने 'मध्यप्रदेश नगर पालिका विवाह स्थल पंजीयन एवं आदर्श उपविधि 2020' के नियमों की खुलेआम अनदेखी की थी। इतना ही नहीं, फायर सुरक्षा और अन्य अनिवार्य मानकों को भी नजरअंदाज किया गया था, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।नोटिस के बाद भी नहीं जागे संचालकजानकारी के अनुसार निगम प्रशासन ने पहले ही संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने का मौका दिया था। लेकिन चेतावनी और समय सीमा दोनों को दरकिनार कर बारात घरों का संचालन जारी रखा गया। आखिरकार निगम को सख्त कदम उठाना पड़ा और तीनों परिसरों पर ताला जड़ दिया गया।अब अन्य मैरिज गार्डनों की बारी!निगम प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। शहर में संचालित अन्य मैरिज गार्डनों और विवाह स्थलों की भी जांच की जा रही है। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन मिला तो सीलिंग की कार्रवाई तय मानी जा रही है।बड़ा सवालजब बिना पंजीयन और बिना वैधानिक अनुमति के ये बारात घर संचालित हो रहे थे, तब जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ी? क्या नागरिकों की सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डाला जा रहा था? निगम की कार्रवाई ने शहर में संचालित ऐसे सभी संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट mo. 9131308097









