Gwalior News: मध्यप्रदेश के कद्दावर मंत्री और ग्वालियर के क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह कुशवाह आज एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर आगबबूला हो गए। आमतौर पर शांत रहने वाले मंत्री कुशवाह का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब वे अपने ही क्षेत्र में विकास कार्यों का भूमिपूजन करने पहुंचे, लेकिन वहां नगर निगम का एक भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
ये नाटकबाजी नहीं चलेगी…
मामला वार्ड क्रमांक 52 का है, जहां मंत्री जी विकास कार्यों की आधारशिला रखने पहुंचे थे। कार्यक्रम नगर निगम द्वारा ही तय किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मौके पर जोनल ऑफिसर या अन्य कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इस गैर-जिम्मेदारी को देख मंत्री जी ने प्रोटोकॉल किनारे रख सीधे ग्वालियर कमिश्नर संघ प्रिय को फोन लगा दिया।
कमिश्नर को दी चेतावनी
सोशल मीडिया पर मंत्री जी की बातचीत का एक वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कमिश्नर से बेहद कड़े लहजे में कहा कि नगर निगम के कर्मचारी नालायक हो गए हैं। मंत्री लेवल का आदमी यहां बैठा है और आपके अधिकारी गायब हैं। ऐसे काम नहीं चलेगा। मंत्री जी ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि Z.O. को तत्काल सस्पेंड करो और मुझे सस्पेंशन ऑर्डर की कॉपी भेजो। फिर ये नाटकबाजी क्यों की जाती है? जब कमिश्नर ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की, तो मंत्री ने दो टूक कहा जो मैं कह रहा हूं वह करिए, वरना आपसे आज के बाद कोई काम की बात नहीं करूंगा।









