मध्य प्रदेश में लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा के कई जमीनी कार्यकर्ताओं को अब तक पद या जिम्मेदारी का मौका नहीं मिल पाया था, लेकिन अब हालात बदलने के संकेत मिल रहे हैं. मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में ऐसे कार्यकर्ताओं को भी मौका देने की तैयारी की जा रही है. मुख्यमंत्री की पहल पर जिला स्तर पर बनने वाली सहकारी और अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. संगठन की ओर से सभी विधायकों से संभावित नाम मांगे गए हैं और उम्मीद है कि इसी महीने इन नियुक्तियों की घोषणा भी हो सकती है.
नियुक्तियों का सिलसिला जारी
सरकार और संगठन दोनों स्तर पर नियुक्तियों का सिलसिला पहले से जारी है. मुख्यमंत्री की इच्छा रही है कि निगम, मंडल और प्राधिकरणों में सभी पद भरे जाएं, ताकि पार्टी से जुड़े लोगों को भी जिम्मेदारी मिले. इसके लिए लंबे समय तक विचार-विमर्श किया गया और कई नेताओं को पद दिए भी गए. जो नियुक्तियां अभी बाकी हैं, उन्हें भी जल्द पूरा करने की तैयारी चल रही है, खासकर जहां विवाद की स्थिति है वहां समाधान निकालकर घोषणा की जाएगी.
आम कार्यकर्ताओं पर फोकस
अब फोकस आम कार्यकर्ताओं पर है, ताकि उन्हें भी यह महसूस हो कि उनकी मेहनत की कद्र हो रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिला इकाइयों से 25 से ज्यादा समितियों के लिए नामों की सूची मांगी है. इसी क्रम में नगर स्तर पर भी विधायकों और कोर कमेटी के सदस्यों से कार्यकर्ताओं के नाम मांगे जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर पूरी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें सभी नेताओं के बीच तालमेल जरूरी माना गया है.
इन पद पर नहीं हुई घोषणा
जिला स्तर पर बनने वाली इन समितियों में आरटीओ, उद्यानिकी, जेल विभाग, पशु कल्याण, मत्स्य, शहरी विकास, आईटीआई, शिक्षा, खाद्य, जिला योजना, सामाजिक न्याय, खेल, जल और स्वच्छता, खनिज निधि जैसी कई महत्वपूर्ण समितियां शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर समितियां पहले भी बनाई जा चुकी हैं, लेकिन कई बार नाम मांगे जाने के बावजूद उनकी घोषणा नहीं हो पाई थी.
कैसे होगी नियुक्तियां
राजनीतिक तौर पर यह भी चर्चा है कि अब नियुक्तियों में विधायकों की पसंद का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है. संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को कई बार गुटबाजी के कारण पीछे रहना पड़ता है. ऐसे में नई नियुक्तियों को लेकर कार्यकर्ताओं में उम्मीद के साथ-साथ कुछ असंतोष भी बना हुआ है.
एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर भी हलचल तेज
इधर नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर भी हलचल तेज हो गई है. परिषद का कार्यकाल अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में 12 पदों पर नियुक्ति की तैयारी है. विधायकों के साथ-साथ सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी अपने-अपने समर्थकों को मौका दिलाने की कोशिश में हैं. इसे लेकर अंदरखाने खींचतान की स्थिति बनी हुई है.









