भोपाल। मध्यप्रदेश में 31 मई को प्रसारित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पार्टी कार्यकर्ता किसानों के साथ बैठकर कार्यक्रम सुनेंगे। राज्य सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसी अभियान के तहत भाजपा किसान मोर्चा को कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
CM से लेकर विधायकों तक की ड्यूटी तय होगी
बीजेपी का किसान मोर्चा बूथ स्तर तक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर मंत्री, सांसद और विधायकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बीजेपी प्रदेश कार्यालय की ओर से सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि वे 31 मई को बूथ स्तर पर किसानों के बीच मौजूद रहकर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनें।
किसानों को बूथ स्तर पर जोड़ेगी BJP
पार्टी की योजना है कि गांव और बूथ स्तर पर अधिक से अधिक किसानों को एकत्रित कर सामूहिक रूप से कार्यक्रम सुना जाए। इसे ‘कृषक कल्याण वर्ष’ अभियान से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियां भी बढ़ाई जाएंगी।
महिला किसानों का हो सकता है जिक्र
केंद्रीय नेतृत्व से मिले संकेतों के बाद किसान मोर्चा खास तौर पर महिला किसानों से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में महिला किसानों के संघर्ष, नवाचार और उपलब्धियों का उल्लेख कर सकते हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का भी जिक्र संभव माना जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘मन की बात’ के जरिए भाजपा ग्रामीण और किसान वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित करने से संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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