भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश बीजेपी में हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद से प्रदेश संगठन महामंत्री का पद खाली है, इसकी भरपाई करने के लिए बीजेपी ने संभागीय स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी प्रभारियों की नियुक्ति की है, ताकि चौबीस घंटे पार्टी के लिए काम करने वाले संगठन महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद के जरिए पार्टी के नेताओं पर लगाम लगाई जाए, हालांकि अब सबकी नजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय प्रतिनिधि सभा पर टिकी है, जोकि हरियाणा के समालखा में होने वाली है। इस बैठक में तय होने की पूरी संभावना है कि मध्यप्रदेश बीजेपी को आने वाले वक्त में प्रदेश संगठन महामंत्री मिल जाएगा।
संघ या आनुषांगिक संगठन से होगा?
मध्यप्रदेश बीजेपी का अगला संगठन महामंत्री सीधे आरएसएस के प्रचारक के रुप में आएगा या पिछली बार की तरह की आनुषांगिक संगठन से होगा, क्योंकि पिछले संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा विद्या भारती से बीजेपी में आए थे, जिनकी वापस संघ में वापसी हो गई है, वो सह-क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख बनाए गए हैं, हालांकि अबकी बार एक नई परंपरा के कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आनुषांगिक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी को भी यह पद दिया जा सकता है, लेकिन उसके पीछे उसका संघ के प्रचारक की भूमिका निभाना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि संगठन महामंत्री का पद पूरी तरह से बीजेपी में जाना नहीं माना जाता है, जिस तरह से प्रदेश के नेता वीडी शर्मा, अरविंद भदौरिया और अन्य गए थे।
पूर्व में इनका चला था नाम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में नए संगठन महामंत्री के रूप में जिन नामों की चर्चा थी, उनमें सबसे ऊपर मध्य भारत प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता का नाम शामिल है, जिसके पीछे उनकी संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी भैयाजी जोशी से नजदीकी को कारण बताया जा रहा है। हालांकि इसके साथ-साथ मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह को भी मजबूत बताया जा रहा था, जोकि पूर्व संगठन महामंत्री सुहास भगत के करीबी हैं। इसी तरह विद्या भारती के प्रांत संगठन महामंत्री निखिलेश माहेश्वरी समेत अनिल अग्रवाल, बिहार के संगठन महामंत्री भीखू भाई की भी MP बीजेपी में आमद का दावा किया जा रहा था, साथ ही विद्यार्थी परिषद से भी नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस पद पर नियुक्ति नहीं हो पाई है।
कुछ नए नामों की सक्रियता ने चौंकाया
एमपी बीजेपी के नए नामों में पूर्व सह संगठन महामंत्री अतुल राय का भी सामने आ रहा है, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव समेत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ काम किया है, पिछले दिनों वो एक बार फिर देवास के खातेगांव में आयोजित रामेश्वरम मैत्री मिलन कार्यक्रम में शिरकत करते नजर आए थे, और उनके साथ स्थानीय विधायक आशीष शर्मा मंच साझा करते दिखाई दिए। इसी तरह संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं क्षेत्रीय गौ रक्षा प्रमुख बृज किशोर भार्गव भी बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे, जिनके फोटो कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर साझा किए थे, जिनकी अचानक सक्रियता ने सियासी पंडितों को सोचने पर मजबूर किया है।
कुल मिलाकर क्या हो सकता है?
बीजेपी के संगठन महामंत्री का फैसला तो संघ की करता है, लेकिन अबकी बार केंद्रीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में कई बदलावों की सुगबुगाहट है, जिसमें बीजेपी संगठन महामंत्री का पद भी शामिल हो सकता है, क्योंकि संघ के कई प्रचारक आनुषांगिक संगठन में पदाधिकारी के रुप में अपनी सेवाएं देने चले जाते हैं, जिनको उपकृत कर एक बार फिर कुछ नया कर सकता है, लेकिन कुल मिलाकर कहा जाए तो सबकुछ अभी अंदरखानों में ही छिपा है।









