मध्यप्रदेश में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया है कि 29 सितंबर को मतदान कराया जाएगा. चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है.
8 सितंबर से शुरू होंगे नामांकन
उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू होगी और 15 सितंबर तक चलेगी. इसके बाद 16 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. उम्मीदवार 18 सितंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. इसी दिन चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए जाएंगे.
निकायों में शाम 5 बजे तक वोटिंग
नगरीय निकाय क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा. वहीं पंचायत क्षेत्रों में मतदाताओं को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डालने का अवसर मिलेगा. पंचायत उपचुनाव की खास बात यह है कि यहां भी EVM के माध्यम से मतदान कराया जाएगा.
पंच पद के लिए मतदान समाप्त होने के बाद उसी मतदान केंद्र पर वोटों की गिनती की जाएगी. सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य पदों के लिए मतगणना 3 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी. जिला पंचायत सदस्य और पंच पदों के परिणाम 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे घोषित किए जाएंगे.
अध्यक्ष से लेकर पार्षद तक होंगे चुनाव
इस उपचुनाव में नगरीय निकायों के 3 अध्यक्ष पद और 26 पार्षद पद शामिल हैं. अध्यक्ष पद के लिए सुसनेर, टीकमगढ़ और कुक्षी में चुनाव कराया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्रों के रिक्त वार्डों में भी मतदान होगा.
इंदौर नगर निगम के वार्ड 58 और 60, ग्वालियर के वार्ड 5, सागर के वार्ड 11, कटनी के वार्ड 41 और खंडवा के वार्ड 34 समेत कई अन्य वार्डों में भी उपचुनाव होगा. नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्रों में टीकमगढ़, दमोह, इटारसी, मुलताई, दतिया, कोतमा, आष्टा और विदिशा सहित कई जगहों पर पार्षद पद के लिए उम्मीदवार मैदान में होंगे.
पंचायतों में भी बड़ी संख्या में रिक्त पद
पंचायत उपचुनाव के तहत 7 जिला पंचायत सदस्य, 28 जनपद पंचायत सदस्य, 110 सरपंच और 4090 पंच पदों पर चुनाव कराया जाएगा. इस तरह नगरीय क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी चुनावी सरगर्मी बढ़ेगी.
कुल मिलाकर 8 सितंबर से शुरू होने वाली यह चुनाव प्रक्रिया 5 अक्टूबर को परिणाम जारी होने के साथ पूरी होगी. उपचुनाव के चलते प्रदेश के संबंधित शहरों और गांवों में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और प्रचार अभियान जोर पकड़ सकते हैं









