भोपाल। लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। कई शहरों में कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
इंदौर में 23 संस्थानों पर कार्रवाई
इंदौर में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले 23 संस्थानों को सील कर दिया गया।
इनमें 18 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी शामिल हैं, जबकि 5 अन्य संस्थान होटल, रेस्टोरेंट और ऑफिस से जुड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी।
भोपाल में बेसमेंट और इमरजेंसी गेट की जांच
राजधानी भोपाल में फायर विभाग की टीम ने कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। टीम ने बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट, वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की।
जांच के दौरान कई संस्थानों में वेंटिलेशन की कमी पाई गई। कुछ जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट गेट भी सुरक्षा मानकों के अनुसार नहीं मिले। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को सुधार के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर में 1050 में से केवल 4 संस्थानों के पास वैध NOC
ग्वालियर में चल रहे 1050 से ज्यादा कोचिंग संस्थानों की स्थिति भी चिंताजनक सामने आई है। जांच में पता चला कि केवल 4 संस्थानों के पास ही वैध फायर एनओसी और जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं।
प्रशासन अब ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिनके पास सुरक्षा संबंधी जरूरी दस्तावेज और व्यवस्थाएं नहीं हैं।
शिवपुरी में 12 कोचिंग सेंटर अस्थायी रूप से सील
शिवपुरी में भी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया है। इन संस्थानों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले और कई जगह फायर एनओसी भी नहीं थी। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही इन संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।
ये खबर भी पढ़ें..









