मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों और तेज होती राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस ने संगठन स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. पार्टी अब पुराने और अनुभवी नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल कर संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है. इसी रणनीति के तहत मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है.
मानक अग्रवाल ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पहुंचकर अपने नए दायित्व की औपचारिक शुरुआत कर दी. उनकी जिम्मेदारी पार्टी के पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की होगी. कांग्रेस का मानना है कि अनुभवी नेताओं से संवाद बढ़ाने और उनके राजनीतिक अनुभव का लाभ संगठन को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है.
पूर्व सांसदों और विधायकों से करेंगे समन्वय
कांग्रेस संगठन की ओर से मानक अग्रवाल को दी गई जिम्मेदारी को पार्टी की आगामी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी पुराने नेताओं के अनुभव और उनके राजनीतिक संपर्कों का उपयोग संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए करना चाहती है.
मानक अग्रवाल का कांग्रेस से पुराना जुड़ाव रहा है. वह पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता की भूमिका भी निभा चुके हैं. इसके अलावा उन्हें ब्रिज कॉरपोरेशन और मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है. संगठन में उनकी नियुक्ति को इसी राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के मद्देनजर अहम माना जा रहा है.
इटारसी से रहा है राजनीतिक जुड़ाव
मानक अग्रवाल मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले हैं. वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी AICC के निर्वाचित सदस्य भी रह चुके हैं. लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उन्हें संगठन और पार्टी की आंतरिक गतिविधियों की अच्छी समझ रखने वाला नेता माना जाता है.
बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में आने पर जताया था विरोध
मानक अग्रवाल उस समय भी चर्चा में आए थे, जब हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने का मामला सामने आया था. उन्होंने इस फैसले का खुलकर विरोध किया था. उन्होंने तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए गांधी की विचारधारा और गोडसे की विचारधारा के बीच पार्टी की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी.
उनके इस बयान को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना गया और इसके बाद उन्हें छह साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था. हालांकि, करीब एक साल बाद फरवरी 2022 में पार्टी ने उनका निष्कासन समाप्त कर दिया. इसके बाद मानक अग्रवाल की कांग्रेस में दोबारा वापसी हुई.
अब संगठन में मिली नई जिम्मेदारी के साथ मानक अग्रवाल एक बार फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे.









