भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में इन दिनों बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में 2 से 8 घंटे तक बिजली कटौती किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों सहित जिला मुख्यालयों को इस कटौती से बाहर रखा गया है।
लोगों का बढ़ रहा आक्रोश
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परेशान उपभोक्ता अब सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। बिजली की समस्या को लेकर जनता का गुस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी फूट रहा है। हाल ही में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, राजगढ़ के सांसद रोडमल नागर और महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी नाराजगी
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली पर निर्भर घरेलू कार्यों के साथ ही खेती-किसानी और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों की मांग है कि बिजली कटौती की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाया जाए।
राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने अधिकारियों से की चर्चा
बिजली संकट को लेकर बढ़ते विरोध के बीच राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर बिजली कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की गई है। इस बातचीत के जरिए क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने का मुद्दा उठाया गया है। फिलहाल, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर असंतोष बना हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि बिजली कंपनी और प्रशासन जल्द प्रभावी कदम उठाएंगे, ताकि लंबे समय तक बिजली गुल रहने की समस्या से राहत मिल सके।









