भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत करीब 5.50 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय आने और जाने का समय डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा और उसी आधार पर वेतन तैयार होगा।
समय से पहले निकलने पर ऑटोमैटिक कटेगी छुट्टी
नई प्रणाली के अनुसार यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से पहले कार्यालय छोड़ता है, तो सॉफ्टवेयर स्वतः उस दिन की शॉर्ट लीव या आधे दिन की छुट्टी दर्ज कर देगा। महीने के अंत में पूरी अटेंडेंस रिपोर्ट वेतन सॉफ्टवेयर से लिंक होकर सैलरी प्रोसेस में शामिल हो जाएगी।
फेस रिकग्निशन से भी लगेगी उपस्थिति
कर्मचारी सुबह 10 बजे से बायोमैट्रिक मशीन पर पंच-इन कर सकेंगे। इसमें फिंगरप्रिंट के साथ फेस रिकग्निशन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। शाम 6 बजे आउट-पंच करना अनिवार्य होगा। सभी रिकॉर्ड सीधे केंद्रीय सर्वर पर दर्ज होंगे।
फील्ड ड्यूटी और वर्क स्टेटस भी होगा ट्रैक
सिस्टम में रोजाना का वर्क स्टेटस भी ऑटोमेटिक रूप से सक्रिय होगा। इससे यह पता चलेगा कि कौन कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित है, किसने फील्ड ड्यूटी दर्ज की है और दिनभर क्या कार्य किया।
पहले मंत्रालय, फिर जिलों और पंचायतों तक विस्तार
यह व्यवस्था सबसे पहले भोपाल स्थित मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल भवन और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में लागू की जाएगी। इसके बाद इसे कलेक्टर कार्यालय, कमिश्नर कार्यालय और अन्य विभागों में विस्तार दिया जाएगा। सरकार भविष्य में पंचायत स्तर तक इस प्रणाली को लागू करने की तैयारी में है।
हर दिन की गतिविधियों पर रहेगी नजर
सरकार अटेंडेंस सॉफ्टवेयर में डेली टास्क और ऑटोमेशन फीचर भी जोड़ रही है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और जवाबदेही बढ़ेगी।
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