उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के दीर्घकालिक विकास पर विशेष जोर दे रही है। महर्षि वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में 539 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इन परियोजनाओं में शहर के नए अमृत द्वार और पांचजन्य द्वार का निर्माण शामिल है। सांदीपनि आश्रम और मंगलनाथ के बाद अब सिद्धवट क्षेत्र में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यवसायियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
प्रभावितों का पुनर्वास और पारदर्शी प्रशासन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान प्रभावित होने वाले हर वर्ग का ध्यान रखा जाएगा। जिन दुकानदारों को विस्थापित किया गया है, उन्हें वैकल्पिक स्थान दिए जाएंगे और जिनके मकान प्रभावित हुए हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत पक्का आवास मिलेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी जमीनों और संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री का निर्णय लिया है। स्वामित्व योजना के माध्यम से लोगों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिया जा रहा है। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए हर शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के तहत प्रशासनिक अधिकारी सीधे मैदान में उतरकर योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचा रहे हैं।
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
उज्जैन के वाल्मीकि आश्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आसपास के ग्रामीण इलाकों में होमस्टे विकसित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को पर्यटन निगम और प्रशासन के माध्यम से रोजगार से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएं:
- वाल्मीकि धाम क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त नई धर्मशाला का निर्माण।
- नदियों के तट पर रिटेनिंग वॉल और अन्य आवश्यक संरचनात्मक विकास।
- वाल्मीकि धाम के पास स्थित पुलिस थाने का नाम वाल्मीकि धाम थाना करना।



25 हजार करोड़ से संवर रही अवंतिका नगरी
जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने बताया कि सिंहस्थ की तैयारियां 30 माह पूर्व ही शुरू कर दी गई हैं, जिसके तहत उज्जैन से चारों दिशाओं में 100 किमी तक की सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए कुल 25 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने का संकल्प लिया गया है।









