इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इंदौर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ में प्रदेश के यात्री परिवहन को नई दिशा देने को लेकर व्यापक मंथन हुआ। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि समिट से निकलने वाले सुझाव और विचार परिवहन विभाग के लिए रामायण और गीता के समान मार्गदर्शक साबित होंगे।
तकनीक और इनोवेशन पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में आयोजित समिट के दौरान परिवहन क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुए। इस दौरान MPYPIL और रैपिडो के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्मारिका, MPYPIL लोगो और विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में चयनित तीन युवा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
AI इनोवेशन चैलेंज की घोषणा
परिवहन क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट के मंच से सिंगल क्लिक के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य AI के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। साथ ही युवाओं की प्रतिभा को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परिवहन की दिशा में बड़ी उड़ान
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा की शुरुआत एक ऐतिहासिक अवसर है। सरकार का लक्ष्य ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर सुविधाएं और नए अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि ई-बसों का फायदा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1 अप्रैल को सुगम परिवहन यात्री बस सेवा शुरू करने को मंजूरी दी गई थी। अब इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए प्रदेशभर में बस संचालन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। सरकार ने ‘सेवा संकल्प माह’ के दौरान बस ऑपरेशन को धरातल पर शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
यात्रियों और बस ऑपरेटर्स दोनों को मिलेगा लाभ
समिट में परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, तकनीक-सक्षम और यात्री केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि नई परिवहन व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिलेंगी, वहीं बस ऑपरेटर्स के लिए भी संचालन को आसान और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम होगा। सरकार की योजना प्रदेश स्तर पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर यात्री परिवहन सेवाओं को मजबूत करने की है। समिट से निकले सुझावों को आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था की नीतियों और योजनाओं का आधार बनाए जाने की तैयारी है।
CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन: सागर जहरीली शराब कांड में मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर









