भोपाल। मध्यप्रदेश के करीब 4 लाख पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। अब केंद्र सरकार जब भी महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) बढ़ाएगी, मध्यप्रदेश सरकार उसे लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की मंजूरी का इंतजार नहीं करेगी। इससे पेंशनर्स को बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ समय पर मिल सकेगा।
दोनों राज्यों ने बदली पुरानी व्यवस्था
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के बीच आपसी सहमति से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अब दोनों राज्य अपने-अपने स्तर पर केंद्र सरकार के निर्णय के बाद महंगाई राहत घोषित कर सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
पहले करना पड़ता था लंबा इंतजार
साल 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों की सहमति जरूरी थी। इसी कारण कई बार केंद्र सरकार के फैसले के बाद भी पेंशनर्स को बढ़ी हुई राहत पाने के लिए 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ता था। अब इस प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है, जिससे भुगतान में होने वाली देरी खत्म होने की उम्मीद है।

कार्यकारी आदेश से लागू होगी DR
मध्यप्रदेश के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब महंगाई राहत लागू करने के लिए किसी विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य कार्यकारी आदेश जारी कर स्वतंत्र रूप से DR लागू कर सकेंगे।
केंद्र से ज्यादा DR नहीं मिलेगा
नई व्यवस्था के तहत दोनों राज्य महंगाई राहत लागू करने से पहले एक-दूसरे के साथ वित्तीय भार की जानकारी साझा करेंगे। हालांकि, किसी भी राज्य को दूसरे की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, दोनों राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित दर से अधिक महंगाई राहत नहीं दे सकेंगे।
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