भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबित तबादला प्रकरणों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने ए प्लस कैटेगरी के मंजूर तबादला मामलों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शुक्रवार तक हर हाल में लंबित ट्रांसफर आदेश जारी किए जाएं।
लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ए प्लस कैटेगरी की मंजूर नोटशीट वाले तबादला प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया कि कई विभागों में स्वीकृति मिलने के बावजूद तबादला आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्राथमिकता वाले मामलों में अब किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी लंबित आदेश तय समय सीमा के भीतर जारी किए जाएं।
अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिन मामलों को मंजूरी मिल चुकी है, उनमें अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्राथमिकता वाले प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शुक्रवार रात 8 बजे तक सभी विभाग लंबित ए प्लस कैटेगरी के तबादला आदेश जारी कर अनुपालन सुनिश्चित करें।
20 मई को बनी थी तबादला नीति
मुख्यमंत्री ने बैठक में याद दिलाया कि 20 मई को राज्य सरकार ने नई तबादला नीति को मंजूरी दी थी। उसी समय कैबिनेट ने फैसला लिया था कि ए प्लस कैटेगरी के सभी लंबित तबादला प्रकरणों का निपटारा 31 मई तक कर लिया जाए और 1 जून से आदेश जारी होने शुरू हो जाएं।
उन्होंने कहा कि तय समयसीमा के बावजूद कई विभाग अब तक आदेश जारी नहीं कर पाए हैं, जो गंभीर विषय है।
सभी विभागों से मांगी तत्काल कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मामलों का तुरंत निराकरण कर आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले निर्णयों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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