मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई तेज बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं. रविवार को भी कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई. इसी बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है.
सोमवार को राज्य के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही कई अन्य इलाकों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
इन 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में मौसम खराब रहने के साथ तेज बारिश हो सकती है.
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार और उज्जैन समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश होने का अनुमान है. ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सागर और दमोह में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा रहेगा. वहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
13 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 और 10 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. 11 और 12 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना है.
इन दो दिनों में भारी बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा. 13 सितंबर को मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं.
बारिश और बिजली गिरने के दौरान रहें सावधान
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. बारिश और आंधी के दौरान बेवजह घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंची जगहों से दूरी बनाए रखें. तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें. खासकर नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना बेहद जरूरी है.









