भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। इसकी वजह से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश थम गई है और मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है।
रीवा और सागर संभाग में बन रहे बादल
मौसम विभाग के मुताबिक, रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छाए रहने की स्थिति है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े बारिश सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं।
प्रदेश में सामान्य से 1% ज्यादा बारिश, लेकिन पूर्वी MP पीछे
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक मध्यप्रदेश में औसतन 1 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में अब भी 14 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश नहीं होने से कई इलाकों के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
48 घंटे में तापमान बढ़ा, बारिश लगभग थमी
पिछले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकांश जिलों में मौसम सूखा रहा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिली। इससे दिन में गर्मी और उमस का असर भी बढ़ गया है।
इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने 13 से 16 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में कई जिलों के लिए गरज-चमक और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, मऊगंज, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, अलीराजपुर, धार सहित कई जिलों में मौसम बदल सकता है। 16 जुलाई को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, दमोह, पन्ना, विदिशा, रायसेन और आसपास के जिलों को भी अलर्ट में शामिल किया गया है।
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