भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के कई शहरों में रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है, वहीं सुबह के वक्त धुंध भी छाने लगी है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीती रात प्रदेश के 14 शहरों में पारा 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। खास बात यह है कि प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी इंदौर की रात ज्यादा ठंडी रही। मौसम विभाग के अनुसार, दीपावली के दिन प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में पूरे मध्यप्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे त्योहार के दौरान लोगों को मौसम की ओर से किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पचमढ़ी से भी ठंडा रहा इंदौर, 12.5 डिग्री पहुंचा तापमान
प्रदेश में रात के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में पारा 12.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इस तरह इंदौर की रात प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी रही। इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री, रायसेन में 12.6 डिग्री और भोपाल तथा अमरकंटक में 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है।
अगले तीन दिनों में और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ठंड का असर और तेज हो सकता है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ सकती है। वहीं दिन के तापमान की बात करें तो बालाघाट जिले के मलाजखंड में अधिकतम तापमान सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
10 नवंबर से सक्रिय होगा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम में बदलाव की एक बड़ी वजह उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाला नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 नवंबर से यह सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में उत्तरी और सर्द हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है। इन हवाओं के चलते रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगा ठंड का असर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में सर्दी का प्रभाव और बढ़ने लगेगा। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग में ठंड ज्यादा महसूस होगी। इन इलाकों में उत्तर भारत की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर पड़ता है। इतिहास पर नजर डालें तो ग्वालियर में नवंबर महीने के दौरान न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। यह रिकॉर्ड करीब 57 साल पहले बना था। इसी तरह उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बारिश की भी संभावना
नवंबर महीने में भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश होने का पुराना ट्रेंड रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इस बार भी महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश की स्थिति बन सकती है। फिलहाल प्रदेश में रात की ठंड बढ़ने और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।









