मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है. लगातार हो रही बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इस समय धान की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है. खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध होने से खेती का काम आसान हो गया है. मौसम विभाग ने 3 अगस्त 2026, सोमवार के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.
इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दमोह, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, मुरैना, भिंड और मऊगंज जिलों में कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इन इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ मौसम ठंडा बना रहेगा.
भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में मध्यम बारिश का अनुमान
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, सागर और नरसिंहपुर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा पूरे प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक की भी संभावना बनी रहेगी.
तापमान में भी आया बदलाव
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस छतरपुर के खजुराहो में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस खरगोन में रिकॉर्ड किया गया. बारिश के चलते अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है.
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. गरज-चमक के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है. यदि बाहर जाना जरूरी हो तो पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें. वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें ताकि बिजली गिरने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके.
पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को खुले मैदान, तालाब या नदी के किनारे न छोड़ें. खराब मौसम के दौरान सभी पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें और पेड़ों के नीचे न बांधें. पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें ताकि पशु तेज गर्मी और मौसम के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी नागरिकों और किसानों से सतर्क रहने तथा मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है.









