खबर डिजिटल कटनी-- सूत्रों के मुताबिक कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत बनाए गए धान उपार्जन केंद्रों से धान का परिवहन समय पर नहीं हो पा रहा है। तहसील के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में यही स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।प्रशासन द्वारा धान खरीदी की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू की गई थी, जबकि 20 जनवरी 2026 को धान उपार्जन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। तय समयसीमा के भीतर लगभग सभी खरीदी केंद्रों पर 70 से 80 प्रतिशत किसानों की धान की खरीदी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद खरीदी केंद्रों में रखी धान की बोरियों का समय पर परिवहन नहीं हो पा रहा है।स्थिति यह है कि सभी उपार्जन केंद्रों के चारों ओर धान की बोरियों के ऊंचे-ऊंचे स्टैक लगे हुए हैं। खुले में लंबे समय तक धान रखे रहने से खराब होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है। वहीं, सीमित जगह के कारण नए किसानों की धान रखने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।समय पर परिवहन नहीं होने से खरीदी प्रभारियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खरीदी लगभग 80 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है, लेकिन गोदामों और मिलों तक धान नहीं पहुंच पाने से पूरी व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है।स्थानीय किसानों और खरीदी प्रभारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द परिवहन व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है, ताकि धान सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंच सके और उपार्जन प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
ढीमरखेड़ा में धान उपार्जन के बाद परिवहन ठप, खरीदी केंद्रों पर बोरियों के ढेर से बढ़ी परेशानी नहीं हो रहा समय पर परिवहन
Khabar Digital Desk
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