जबलपुर में सवर्ण समाज ने आरक्षण व्यवस्था और जातिगत आधार के विरोध में एकजुट होकर महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। "जाति नहीं योग्यता को आधार बनाओ" और "समानता हमारा अधिकार है" जैसे नारों के साथ अपनी बात रखी। मीडिया से बातचीत करते हुए कपिल दुबे ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में वे बेहद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें शासन और प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं, ताकि योग्य प्रतिभाओं के साथ हो रहे भेदभाव पर रोक लगाई जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और आरक्षण व्यवस्था पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो वे बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन को शासन केवल एक मांग पत्र न समझे बल्कि अंतिम सूचना माने। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि यदि भविष्य में उनकी अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन का आगामी स्वरूप बेहद व्यापक और आक्रामक होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी









