तेज सिंह यादव/ खबर डिजिटल/ गुना/राघौगढ़। ग्राम पंचायत रामनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। पिछले एक सप्ताह से नल-जल योजना पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सामूहिक प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

तीन गांवों में मचा हाहाकार
समस्या केवल रामनगर तक सीमित नहीं है, विजयगढ़ और खजरा गांव की नल-जल योजनाएं भी बीते सात-आठ दिनों से ठप हैं। नल सूखे पड़े हैं और जलस्तर गिरने के कारण अन्य पारंपरिक स्रोत भी जवाब दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पीने के पानी का इंतजाम करना तो दूर, मवेशियों को पानी पिलाना भी दूभर हो गया है। भीषण तपिश में पशु प्यास से बेहाल हैं, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
सरपंच-सचिव को सौंपा आवेदन
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सरपंच और सचिव को लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बार-बार मौखिक रूप से भी अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई सुधार नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि आज शाम या अधिकतम कल सुबह तक जलापूर्ति बहाल की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
जनपद पंचायत घेराव की तैयारी
प्रशासन की सुस्ती से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले चार दिनों के भीतर नल-जल योजना सुचारू रूप से चालू नहीं की गई, तो वे जनपद पंचायत राघौगढ़ पहुंचकर सामूहिक धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी के इस मौसम में पानी जैसी मूलभूत सुविधा का न मिलना प्रशासन की विफलता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद कितनी तत्परता से कदम उठाता है या ग्रामीणों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।









