रीवा/खबर डिजिटल/ UGC के नियमों के विरोध में रीवा में सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराने का अलग तरीका अपनाया। करीब 13 दिन पहले सवर्ण समाज के लोगों ने कुछ नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर प्रयागराज में प्रतीकात्मक अस्थियों का विसर्जन किया था। अब 13 दिन पूरे होने पर तेरहवीं की रस्म के तौर पर मृत्यु भोज का आयोजन किया गया।
सवर्ण नेताओं पर लगाया गंभीर आरोप
आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक विधि-विधान के साथ हुई। सबसे पहले 13 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया, इसके बाद सैकड़ों समाजजन मृत्यु भोज में शामिल हुए। आयोजन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समाज के नेताओं के प्रति अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभिन्न समाजों के नेता अपने-अपने समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक तौर पर आवाज उठाते हैं, लेकिन सवर्ण समाज से जुड़े नेताओं की ओर से समाज के अधिकारों और मांगों को लेकर अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई जा रही है।
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एक साल बाद बरसी की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल विरोध दर्ज कराने का माध्यम है। उनका कहना है कि यदि सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों और मांगों को लेकर नेताओं ने आवाज नहीं उठाई तो एक वर्ष बाद इन्हीं नेताओं की प्रतीकात्मक बरसी भी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने UGC नियमों को लेकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराईं और संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की मांग की।
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