Vishal Malviya Jion BJP: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदर मची अंदरूनी रार और नेताओं के पलायन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा चुनावों के बीच मालवा अंचल के इंदौर से कांग्रेस को एक और बड़ा और करारा झटका लगा है। इंदौर के एक बड़े और रसूखदार राजनैतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले युवा नेता विशाल मालवीय ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत सदस्य विशाल मालवीय के इस कदम से मालवा-निमाड़ की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर कयासबाजी का बाजार बेहद गर्म हो गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस को बाय-बाय कहने के बाद विशाल मालवीय जल्द BJP का दामन थाम सकते है।
राधाकिशन मालवीय के पोते हैं विशाल
विशाल मालवीय का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए इसलिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि विशाल मालवीय, मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर अनुसूचित जाति नेता रहे स्व. राधाकिशन मालवीय के सगे पोते हैं। इसके साथ ही वे देवास-शाजापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। इतने बड़े और वफादार राजनैतिक घराने के युवा चेहरे का पार्टी से मोहभंग होना कांग्रेस की कमजोरी को उजागर करता है।
इस्तीफे में छलका दर्द
अपने इस्तीफे में विशाल मालवीय ने वर्तमान कांग्रेस संगठन और उसकी कार्यप्रणाली पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कांग्रेस संगठन के अंदर सिर्फ चाटुकारिता और व्यक्तिगत सेटिंग करने वाले लोगों को ही तवज्जो दी जा रही है। जो कार्यकर्ता सालों से जमीन पर धूप-पसीना बहाकर पार्टी को जिंदा रखे हुए हैं, उन्हें लगातार दरकिनार और नजरअंदाज किया जा रहा है। संगठन में सिर्फ कुछ चुनिंदा चहेते चेहरों को ही मलाईदार पद और मान-सम्मान मिल रहा है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान पूरी तरह कुचला जा रहा है। ऐसे माहौल में दम घुटने के कारण मैंने इस्तीफा दिया है।
जीतू पटवारी पर निशाना!
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, विशाल मालवीय के इस रुख के पीछे वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यशैली को लेकर गहरा असंतोष है। बताया जा रहा है कि विशाल मालवीय ने अपनी उपेक्षा को लेकर पहले भी एक गोपनीय पत्र के जरिए प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराया था। लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी जब प्रदेश आलाकमान ने उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही हालात सुधरे, तो उन्होंने आखिरकार पार्टी से नाता तोड़ना ही बेहतर समझा।
भाजपा में जाने की अटकलें?
राजनैतिक पंडितों का मानना है कि विशाल मालवीय के पास भविष्य की सियासत के लिए भाजपा का विकल्प सबसे मजबूत और खुला हुआ है। इसके पीछे एक बड़ा पारिवारिक समीकरण भी काम कर रहा है। विशाल मालवीय के परिवार के बेहद करीबी देश के कद्दावर भाजपा नेता और वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के परिवार से हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही भोपाल या इंदौर में एक बड़े समारोह के दौरान विशाल मालवीय की भाजपा में एंट्री फिक्स हो सकती है।









