झाबुआ/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 1000 से 1500 किलोमीटर दूर बनाए जा रहे परीक्षा केंद्रों से परेशान आदिवासी छात्रों ने शुक्रवार, 9 जनवरी 2025 को झाबुआ कलेक्टर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर झाबुआ जिले में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र स्थापित करने की मांग की।
धरना दे रहे छात्रों ने बताया कि झाबुआ एवं आसपास का क्षेत्र आदिवासी बहुल है, जहां अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए उन्हें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, सागर, सतना जैसे दूरस्थ शहरों में जाना पड़ता है। यात्रा, ठहरने और भोजन पर आने वाला खर्च कई छात्रों के लिए वहन करना संभव नहीं होता, जिसके चलते अनेक विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह जाते हैं।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा फॉर्म भरते समय चार शहरों के विकल्प दिए जाते हैं, लेकिन कई बार इन शहरों में परीक्षा आयोजित नहीं होती और अचानक किसी अन्य दूर शहर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाता है। इससे छात्रों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में मांग की कि झाबुआ में स्थायी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र खोला जाए, ताकि स्थानीय आदिवासी छात्रों को राहत मिल सके। साथ ही परीक्षा केंद्र चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और यदि दूरस्थ शहर में केंद्र दिया जाए तो यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।










