BJP Politics: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार और संगठन के अंदर आंतरिक गुटबाजी को साधने की कोशिशों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य द्वारा कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ की गई बयानबाजी के बाद संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक को बुधवार को अचानक भोपाल प्रदेश कार्यालय में तलब किया गया, जहां पार्टी अध्यक्ष खंडेलवाल ने विधायक महोदय की जमकर क्लास लगाई।
ऊर्जा मंत्री तोमर पर निशाना
दरअसल, अपने क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर बीते दिनों विधायक पन्नालाल शाक्य अपना आपा खो बैठे थे। उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर हमला बोलते हुए नाकारा तक कह डाला। विधायक ने सार्वजनिक रूप से चुनौती दी थी कि मैं भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से सीधे कहूंगा कि इस मंत्री को तत्काल पद से हटा दीजिए।
प्रभारी मंत्री पर भी तंज
विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा था कि वह तो महाराजा से भी बड़े हो रहे हैं। सिंधिया जी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं को चलो हटो कहकर किनारे कर दिया था, मन तो हुआ कि कह दूं कि तू ही अकेला घुस जा।
संगठन ने लिया संज्ञान
विधायक पन्नालाल शाक्य के इस तीखे बयान के बाद मंत्रियों और सिंधिया समर्थकों के बीच आक्रोश फैल गया, जिससे सरकार और संगठन के बीच समन्वय बिगड़ने लगा। चूंकि मामला कैबिनेट मंत्रियों से जुड़ा था, इसलिए प्रदेश नेतृत्व तुरंत एक्शन मोड में आ गया। बुधवार को जैसे ही विधायक शाक्य भोपाल पहुंचे, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनके बयानों पर नाराजगी जताई। बंद कमरे में हुई इस बैठक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने साफ किया कि सार्वजनिक मंचों से अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोबारा ऐसी गलती होने पर निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैकफुट पर आए विधायक
संगठन के चाबुक के बाद विधायक पन्नालाल शाक्य के तेवर ढीले पड़ गए और उनके सियासी सुर बदल गए। विधायक शाक्या ने अपनी सफाई में कहा कि बीजेपी एक अनुशासित परिवार है। हमारे बीच कोई मतभेद या गुटबाजी नहीं है। संगठन और कार्यकर्ता हमारे लिए हमेशा सर्वोपरि हैं। मंत्रियों के प्रति मेरा कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं था।









