भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/मध्यप्रदेश में करीब 8 साल के बाद पुलिस सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया है। सूबेदार और उपनिरीक्षक के पदों पर भर्ती प्रारंभ होने से युवा खुश हैं तो इस बात से नाराज भी हैं कि अन्य राज्यों के युवाओं को भी प्रदेश के युवाओं की तरह अवसर दिए गए हैं। क्योंकि अधिकतम आयु सीमा प्रदेश और बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए बराबर रखी गई है। जिसके चलते स्थानीय युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धा कई गुना बढ़ गई है।
स्थानीय युवाओं में निराशा
पूर्व में पुलिस सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती में अन्य राज्य के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष और एमपी के अनारक्षित अभ्यर्थियों के लिए 33 वर्ष रखी गई थी। अब बाहर वालों के लिए भी 33 वर्ष की सीमा ही रखी गई है। जोकि अनारक्षित वर्ग में आवेदन कर प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएंगे।
27 अक्टूबर से भरे जाएंगे आवेदन
कर्मचारी चयन मंडल ने सोमवार को भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके लिए 27 अक्टूबर से आवेदन किए जा सकेंगे। प्रारंभिक लिखित परीक्षा 9 जनवरी 2026 को होगी। प्रदेश में सूबेदार के 28, विशेष सशस्त्र बल में उप निरीक्षक के 95 और जिला पुलिस बल व अन्य के 377 पदों को मिलाकर 500 पदों पर भर्ती हो रही है।
कोरोना काल के पीड़ित भी निराश
इसके पहले वर्ष 2017 में भर्ती हुई थी। इसके बाद कोविड और फिर अन्य कारणों से भर्ती नहीं होने के कारण परीक्षा की तैयारी कर रहे डेढ़ लाख से अधिक युवा अधिकतम आयु सीमा पार कर गए। वे अनारक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा में दो वर्ष की छूट यानी 33 की जगह 35 करने की मांग कर रहे थे, पर सरकार ने नहीं माना। जिसके चलते हजारों युवाओं में निराशा है।
प्रदेश के युवाओं का नुकसान
भर्ती प्रक्रिया में इसके पहले सरकार ने पुलिस की भर्तियों में रोजगार कार्यालय में पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इससे भी प्रदेश के युवाओं का नुकसान हुआ है। कारण, दूसरे राज्यों के युवा मध्य प्रदेश में पंजीयन कम कराते थे, जिससे वे आवेदन के समय अपात्र हो जाते थे। वहीं अब नियम खत्म करने के प्रतियोगिता और भी बढ़ गई है।


