भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ राजधानी में बुधवार की दोपहर सियासत अचानक गरमा गई, जब पीसीसी चीफ जीतू पटवारी अनाज का बोरा लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर जा पहुंचे। वो किसानों की फसलों का सीधा समर्थन मूल्य देने की मांग कर रहे थे और भावांतर योजना का विरोध कर रहे थे। जोकि किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं देने आरोप लगा रहे थे। हालांकि इस दौरान माहौल को शिवराज सिंह चौहान के व्यवहार ने कर दिया, जब वो खुद बाहर आकर जीतू पटवारी से मिले।
पीसीसी दफ्तर से पैदल निकले जीतू पटवारी
शिवराज सिंह चौहान के घर जाने से पहले किसान कांग्रेस के सदस्यों से जीतू पटवारी ने चर्चा की। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने अपनी बात रखने का फैसला हुआ, तो जैसे ही कांग्रेसियों का हुजूम शिवाजी प्रतिमा के पास पहुंचा तो पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेसी ने पुलिस को चकमा देकर शिवराज के बंगले ‘मामा का घर’ पर पहुंच गए।

शिवराज के बंगले के बाहर बिखेरा गेंहू
जीतू पटवारी के साथ आए प्रदर्शनकारियों ने शिवराज के बंगले के सामने सड़क पर गेहूं की बोरियां बिखेर दी, और जमकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार किसानों को ठग रही है, और बार-बार सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिल रही। हालांकि जानकारी मिलने पर शिवराज सिंह चौहान खुद बाहर आ गए और जीतू पटवारी से चर्चा की।
कंधे पर अनाज की बोरी, जेब पर कई माइक
जीतू पटवारी जब कंधे पर अनाज की बोरी रखे हुए थे, इस दौरान उनकी जेब पर कई माइक लगे दिखाई दिए। कहा जा रहा है कि उनकी पीआर टीम फोटो, वीडियो उतारने में मशगूल थी। जिसमें बीजेपी कह रही है कि जीतू पटवारी किसानों के नाम पर राजनीति कर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं, क्योंकि किसानों को तो उन्होंने बाहर ही छोड़ दिया और खुद फोटो, वीडियो खिंचाने केंद्रीय कृषि मंत्री के पास पहुंच गए।
जीतू पटवारी जी का गेटअप देखिए , कुर्ते में तीन चार ऑडियो माइक लगे हैं , उनके साथ उनकी पीआर टीम फोटो वीडियो बनाने में लगी हुई थी । किसानो की चिंता नहीं थी किसान तो उन्होंने बाहर छोड़ दिए , किसानो के नाम पर अपनी राजनीति कर रहे है जीतू पटवारी जी
