चंदेरी/ खबर डिजिटिल/ चंदेरी के समीप मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की सीमा पर बने राजघाट बांध जलाशय के जल भराव क्षेत्र में मत्स्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है जहां लगभग 25 बोरी सुखान मछली (सूखी मछली) अवैध तरीके से मत्स्य आखेट के दौरान जप्त की है तीन दिन तक चली इस कार्रवाई में 15 शिकारी सहित एक अन्य व्यक्ति पर चंदेरी थाने में मत्स्य विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई इस संपूर्ण कार्रवाई के दौरान मत्स्य विभाग द्वारा 25 बोरी मछली मौके पर ही 91हजार रुपए की मछली नीलाम कर दी गई जिसमें मत्स्य विभाग की नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह संदेह के घेरे में है साथ ही मछली पकड़ने के जाल एवं साधनों को भी जप्त किया है।
मामला मामला चंदेरी तहसील के ग्राम सिरसोद का है राजघाट बांध जलाशय के जल भराव क्षेत्र में मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित सुखान मछली अवैध तरीके से शिकार कर भंडारण किये जाने की जानकारी मत्स्य विभाग के जिम्मेदारों को प्राप्त हुई थी जिस पर चंदेरी पुलिस की सहायता से मत्स्य विभाग जिला अशोकनगर से मत्स्य निरीक्षक नरेंद्र सिंह दंडोतिया, मत्स्य निरीक्षक संजय ईनामदार एवं दलद्वारा कार्रवाई की गई।
3 दिन तक चली इस कार्रवाई में 25 बोरी लगभग 12.5 क्विंटल सुकान मछली, जीरो मैंस जाल एवं नाव जप्त की गई । मत्स्य विभाग द्वारा चंदेरी थाने में प्रस्तुत आवेदन पत्र के आधार पर जप्त किए गए माल को नीलामी कर दिया गया था साथ ही साधनों को स्थानीय निवासी की सुरक्षा में रखा गया था किंतु दूसरे दिन बड़े जाल एवं नावों को राजघाट बांध के ठेकेदार द्वारा बलपूर्वक एक बड़े स्टीमर के माध्यम से उठा लिया गया।
जिम्मेदारों द्वारा जप्त की गई मछली की मौके पर की गई नीलामी प्रक्रिया संदेहास्पद
राजघाट बांध जलाशय से अवैध तरीके से पकड़ी गई सुकान मछली की नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह संदेह के घेरे में है प्राप्त जानकारी अनुसार जो सुकान मछली लखनऊ एवं गोरखपुर के बाजारों में ऊंचे दाम 15 से 20 हजार रुपए क्विंटल के भाव पर बिकती है उसे जिम्मेदार अधिकारियों एवं दो मछुआ संघ की समितियों के सदस्यों की मिली भगत के चलते बिना सार्वजनिक सूचना के, अन्य मत्स्य संघ के प्रबंधकों को सूचना दिए,इच्छुक खरीदारों को बिना सूचना दिए महज दो समिति प्रबंधकों एवं एक अन्य स्थानीय निवासी के द्वारा बोली लगाकर नीलामी प्रक्रिया को तत्काल मौकेपर ही अंजाम दिया जाकर सुपुर्द कर दिया गया
गौरतलब है कि चंदेरी एवं आसपास में लगभग 11मत्स्य समितियां पंजीकृत हैं किंतु संवाददाता द्वारा अन्य समिति प्रबंधकों से इस नीलामी प्रक्रिया की सूचना के संबंध में जानना चाहा तो उनके द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना मत्स्य विभाग द्वारा प्रदान किए जाने से इनकार किया है जो जो नीलामी प्रक्रिया में शामिल दो मत्स्य समितियों के प्रबंधकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ के चलते तत्काल संपन्न कराई गई नीलामी प्रक्रिया से शासन को लाखों रुपए के राजस्व की क्षति की ओर इशारा करती है।जो विचारणीय होकर जांच योग्य है।


