इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ काल के मुंह से शायद ही कोई शख्स वापस आता है, लेकिन अगर भगवान की मर्जी है तो कुछ भी संभव है। ऐसा ही कुछ इंदौर में देखने को मिला, जब यमराज के पास से एक बुजुर्ग फिर से वापस आ गया, और घरवालों की झोली में एक बार फिर खुशियां बिखर गई। इसके लिए परिवारवालों ने ऊपरवाले को धन्यवाद दिया।
70 साल का बुजुर्ग हुआ जिंदा
राजनगर क्षेत्र में 70 वर्षीय माखनलाल वेद ब्रेन हेमरेज के चलते पिछले एक सप्ताह से मौत से संघर्ष कर रहे थे। गुरुवार दोपहर अचानक उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई। सांसे रूकने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हताश होकर परिवारवाले उन्हें घर ले आए।
फिर से चलने लगी शख्स की सांसें
माखनलाल के देवलोक सिधारने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर रिश्तेदारों को सूचना भी दे दी गई थी। थोड़ी ही देर में रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। स्वजन ने उन्हें अर्थी पर लेटाने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक माखनलाल की सांसे तेज गति से चलने लगीं। घर वालों को पहले तो लगा कि यह उनका भ्रम है, लेकिन फिर उन्होंने देखा कि माखनलाल सामान्य तरीके से सांसें ले रहे हैं।
जांच के बाद सभी हुए दंग
शरीर में हलचल होने के बाद डॉक्टर को बुलाया गया, जांच हुई तो पता चला कि माखनलाल जीवित हैं। परिजनों ने बताया कि अभी उन्हें घर पर ही रखा गया है। डॉक्टर ने कहा है कि कई बार ऐसा हो जाता है। अस्पताल में भी वह वेंटीलेटर पर ही थे।
सोशल मीडिया पर दोबारा भेजा संदेश – जीवित हो गए माखनलाल
डाक्टरों के मृत घोषित करने के बाद इंटरनेट पर संदेश भेजा गया कि राजनगर से साढ़े चार बजे शव यात्रा पंचकुईया मुक्तिधाम लेकर जाएंगे। लेकिन जैसे ही उनका दिल धकड़ना शुरू हुआ। संदेश भेजा कि माखनलाल वेद अब बाबा महाकाल की कृपा से स्वस्थ है, और पुन: उनकी सांसे आ गई है। शव यात्रा रद्द की जाती है।


