डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत, बचत और आजीविका से जुड़ी निधियों में कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सी.एल.एफ. बटोंधा में बड़ा विवाद उभर आया है। नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, अध्यक्ष संजुलता आर्मो, सचिव ज्योति कुशराम, कोषाध्यक्ष संगीता मार्को, सहसचिव लक्ष्मी परस्ते और उपाध्यक्ष ज्ञानवती कुलस्ते ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। इसमें ब्लॉक प्रबंधक टी.के. दास सहित पूर्व पदाधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और महिला सदस्यों से अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं।
पूर्व अध्यक्ष, ब्लॉक प्रबंधक पर लगा आरोप
नई कार्यकारिणी के मुताबिक, भोपाल और जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर 22 अगस्त 2025 को सी.एल.एफ. बटोंधा में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी का गठन हुआ था और इसकी सूचना संबंधित कार्यालयों को दे दी गई थी। शिकायत में कहा गया है कि पूर्व अध्यक्ष ललिता धुर्वे, पूर्व कोषाध्यक्ष चम्मनबाई और ब्लॉक प्रबंधक टी.के. दास ने नए पदाधिकारियों को मानने से इनकार करते हुए विवाद खड़ा कर दिया।
फर्जी गठन का आरोप, 5 सितंबर की बैठक सवालों में
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 5 सितंबर 2025 को बिना अनुमति एक ‘संदिग्ध बैठक’ आयोजित की गई। इसमें ब्लॉक प्रबंधक टी.के. दास मौजूद नहीं थे और उनकी जगह ए.बी.एन. रश्मि खान को भेजा गया। आरोप है कि फोन पर निर्देश लेते हुए रश्मि खान ने मंच से बैठी कोषाध्यक्ष संजुलता आर्मो को हटाकर अपनी इच्छा से नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
38 लाख से अधिक राशि पर सवाल
सी.एल.एफ. बटोंधा के बचत खाते में मई 2025 में 66 लाख 54 हजार 337.96 रुपये की राशि थी, जबकि वर्तमान में शेष राशि 28 लाख 94 हजार 704.12 रुपये बताई गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि लगभग 38 लाख 69 हजार 362 रुपये की राशि का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। नई कार्यकारिणी ने आरोप लगाया कि रकम के निकासी में फर्जी हस्ताक्षर और मिलीभगत की आशंका है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
सदस्यों ने बताया कि ब्लॉक प्रबंधक टी.के. दास सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यह समुदाय निधि गरीब महिलाओं की आर्थिक उन्नति और आत्मनिर्भरता के लिए थी, परंतु लगातार अनदेखी से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
नई कार्यकारिणी ने कलेक्टर डिंडौरी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि समूह की निधियों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा हो सके।


