रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ सेमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस समय मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, बिना फार्मासिस्ट के मरीजों को अस्पताल स्टाफ द्वारा दवा वितरण किया जा रहा है, बताते चले विगत 7 से 8 माह से बिना फार्मासिस्ट के दवा वितरण से मरीजों की जान जोखिम में है, ऐसे कार्यों से लग रहा है, अस्पताल प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
अस्पताल में अव्यवस्था अंबार
अस्पताल की अव्यवस्था यही थमने का नाम नहीं ले रही है, अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की भर्ती नहीं हो पा रही रही है, इसका सबसे बड़ा कारण कुपोषित बच्चों की देख रेख के लिए अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होना है, कुपोषित बच्चों के माता पिता डॉक्टर न होने की वजह से बच्चों को भर्ती नहीं करवा रहे है, शासन की योजनाएं केवल शो पीस बनकर रह गई है।
बिना विशेषज्ञ, हो रही प्रसूति
बता दें कि इस सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में लगभग 7,8 प्रतिदिन जननी प्रसव होते है किंतु बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के जननी प्रसव कराया जाता है जिससे जननी प्रसव की महिलाओं की जान जोखिम में रहती है। हैरान की बात यह है कि यह उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) का यह गृह जिला है और अभी हाल में उनके द्वारा अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया गया था मेडिकल ऑफिसर द्वारा अस्पताल व्यवस्थाओं और स्टाफ की कमी के बारे में अवगत भी कराया गया था किंतु जिला प्रशासन द्वारा कोई भी अस्पताल व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


