डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ जिले में प्राकृतिक संसाधनों के मनमाने दोहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुढ़नेर नदी में मशीनों के जरिए की जा रही रेत निकासी पर खनिज विभाग व जिला प्रशासन की ढीली निगरानी के कारण ठेकेदार निर्भीक होकर नदी के भीतर गहराई तक उत्खनन कर रहे हैं। शासन के नियम-कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, पर जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।
शासकीय नियमों की उड़ रही धज्जियां
पर्यावरण एवं खनन संबंधी नियमों के अनुसार रेत एक गौण खनिज (Minor Mineral) है, जिसके उत्खनन पर स्पष्ट दिशानिर्देश लागू होते हैं—
खनन केवल सतह से 3 मीटर तक अथवा भूजल स्तर तक, जो भी कम हो, तक ही अनुमति प्राप्त है।
नदी के भीतर मशीनों से उत्खनन पूर्णतः प्रतिबंधित है।
नदी के प्रवाह को रोकना या परिवर्तित करना अवैध है।
नदी के भीतर रेत खनन जारी
इसके विपरीत दिवारी रेत खदान में ठेकेदार गुरमीत सिंह बेदी द्वारा नदी के भीतर पोकलेन मशीनें चलाकर गहराई तक रेत निकालने का काम जारी है। वाहनों की आवाजाही के लिए नदी में पक्का रैम्प भी बनाया गया है, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार नदी का आधा हिस्सा ठेकेदार के कब्जे में आ गया है। लोगों का कहना है कि खनिज विभाग के अधिकारी समय-समय पर खदान में आते जरूर हैं, पर नियम विरुद्ध उत्खनन पर कोई कार्यवाही नहीं होती, जिससे विभागीय संरक्षण के आरोपों को बल मिलता है।
खनिज विभाग की लापरवाही उजागर
बुधवार को जब मीडिया ने खदान की तस्वीरें और पूरी जानकारी जिला कलेक्टर तक पहुंचाई तो विभाग सक्रिय हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज अधिकारी ने दिवारी रेत खदान का निरीक्षण किया और ठेकेदार को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की।
विशेषज्ञों के अनुसार
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्षाकाल के बाद ही विभाग द्वारा समय पर निरीक्षण किया जाता, तो ठेकेदार की अवैध गतिविधियों को पहले ही रोका जा सकता था। यदि आगे भी मशीनों से उत्खनन जारी रहता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।
ठेकेदार को नोटिस
जिला खनिज अधिकारी अशोक कुमार नागले ने बताया कि वायरल तस्वीरों और शिकायतों के आधार पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है और जवाब प्राप्त होने के बाद कलेक्टर नियमानुसार ठोस कार्रवाई करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नदी से रेत भरने के लिए ठेकेदार को दो मशीनों की अनुमति अवश्य है, पर उत्खनन मशीनों से नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के दौरान मशीनें नदी के बाहर खड़ी मिलीं, लेकिन नियम उल्लंघन के प्रमाणों पर नोटिस तैयार कर ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला कलेक्टर का सख्त रुख
जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर खनिज विभाग को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के सख्त रुख के बाद जिला प्रशासन के एक्शन मोड में आने से उम्मीद है कि ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और जिले में अवैध रेत खनन पर सख्ती बढ़ेगी।


